Paradeep Parivahan Limited ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट **27.39%** बढ़कर **₹30.79 करोड़** हो गया है। साथ ही, कंपनी ने UltraTech Cement के साथ **8 साल** की एक बड़ी EV लॉजिस्टिक्स डील साइन की है, जो ग्रीन मोबिलिटी की ओर एक बड़ा कदम है।
Paradeep Parivahan का दमदार प्रदर्शन और ग्रीन मोबिलिटी पर फोकस
Paradeep Parivahan Limited ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 15.03% बढ़कर ₹386.31 करोड़ रहा, जबकि टैक्स के बाद शुद्ध लाभ (Net Profit) 27.39% की छलांग लगाकर ₹30.79 करोड़ तक पहुंच गया। कंसोलिडेटेड (समेकित) आधार पर, कंपनी का रेवेन्यू ₹422 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹34 करोड़ दर्ज किया गया।
UltraTech Cement के साथ EV लॉजिस्टिक्स में बड़ा कदम
वित्तीय नतीजों के अलावा, कंपनी ने UltraTech Cement Limited के साथ एक महत्वपूर्ण 8 साल का एग्रीमेंट किया है। इस डील के तहत, Paradeep Parivahan राजस्थान से उत्तर प्रदेश के रूट पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) आधारित बल्क लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करेगी। यह कदम कंपनी के लिए ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में नए रास्ते खोलेगा और भविष्य में कमाई के नए अवसर पैदा करेगा।
सहायक कंपनियों का अधिग्रहण और बाजार में पैठ
अपनी बाजार उपस्थिति को मजबूत करने के लिए, कंपनी ने चार पूरी तरह से नियंत्रित सहायक कंपनियों - M.R.T.C. (India) Pvt. Ltd., Pharmachem Traders Pvt. Ltd., Ask Logistiek Solutio Pvt. Ltd., और Nirkon Industries Pvt. Ltd. - का अधिग्रहण भी पूरा कर लिया है। ये अधिग्रहण 18 अगस्त, 2025 से प्रभावी हैं।
कंपनी के लिए यह क्यों मायने रखता है?
मुनाफे में यह मजबूत ग्रोथ कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बाजार की मांग को दर्शाती है। UltraTech Cement जैसी बड़ी कंपनी के साथ EV लॉजिस्टिक्स में उतरना Paradeep Parivahan को बढ़ते हुए ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में एक मजबूत पोजीशन देगा, जिससे कंपनी की लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी (दीर्घकालिक स्थिरता) बढ़ेगी। सहायक कंपनियों के अधिग्रहण से बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने और सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
पिछली प्रदर्शन की तुलना
पिछले वित्तीय वर्ष, FY 2024-25 में, Paradeep Parivahan ने ₹335.82 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और ₹24.17 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। मौजूदा साल के नतीजे पिछले साल के मुकाबले एक महत्वपूर्ण सुधार दिखाते हैं।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
कंपनी ने 10,40,000 कनवर्टिबल वारंट्स का प्रेफरेंशियल इश्यू (वरीयता निर्गम) ₹156.46 प्रति वारंट की दर से मंजूरी दी है, जिन्हें 18 महीनों के भीतर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है। यह कदम भविष्य की ग्रोथ पहलों के लिए कंपनी के कैपिटल बेस (पूंजी आधार) को मजबूत करेगा। बोर्ड ने FY 2025-26 के लिए कोई डिविडेंड (लाभांश) न देने का फैसला किया है, ताकि मुनाफे को विस्तार के लिए बरकरार रखा जा सके।
ध्यान देने योग्य जोखिम
कंपनी पर ₹1.39 करोड़ का इनकम टैक्स बकाया है। इसमें FY 2012-13 के लिए ₹0.78 करोड़ और FY 2013-14 के लिए ₹0.61 करोड़ शामिल हैं। लंबित अपीलों का नतीजा भविष्य में वित्तीय देनदारी पैदा कर सकता है।
