Paradeep Parivahan Limited की 26वीं Annual General Meeting (AGM) में अहम फैसले लिए गए हैं। शेयरधारकों ने कंपनी को **₹300 करोड़** तक की फंड और नॉन-फंड आधारित उधारी लेने की हरी झंडी दे दी है।
AGM के मुख्य नतीजे और रणनीति
ओडिशा के पारादीप में आयोजित 26वीं Annual General Meeting में कंपनी के सभी 7 प्रस्तावों को शेयरधारकों ने भारी बहुमत से पास कर दिया है। इस प्रक्रिया में रिमोट ई-वोटिंग और बैलेट वोटिंग का इस्तेमाल किया गया, जिसकी निगरानी CS ज्योतिर्मय मिश्रा ने की।
क्यों अहम है यह फैसला?
कंपनी के लिए ₹300 करोड़ की बोरिंग लिमिट का अप्रूवल सबसे बड़ी उपलब्धि है। इससे कंपनी को भविष्य के ऑपरेशन्स और कैपिटल प्रोजेक्ट्स के लिए बैंकों या वित्तीय संस्थानों से फंड जुटाने में आसानी होगी। यह लिक्विडिटी कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को रफ्तार देने के लिए जरूरी थी।
बोर्ड में बड़े बदलाव और अन्य फैसले
- रेगुलराइजेशन: अब्दुल बासिथ शेख को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियमित (Regularize) कर दिया गया है।
- सैलरी स्ट्रक्चर: एमडी और सीईओ खालिद खान समेत अन्य डायरेक्टर्स के रिम्यूनरेशन पैकेज को संशोधित और मंजूर किया गया है।
- अनुपालन: कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को भी मंजूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 185 के तहत लोन और गारंटी देने का अधिकार भी मिल गया है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपनी ग्रोथ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए किस तरह करती है।
