PNC Infratech के लिए एक बड़ी खबर आई है। कंपनी की एक सहायक कंपनी को कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के लिए NHAI से प्रोविज़नल कंप्लीशन सर्टिफिकेट (PCOD) मिल गया है। **₹1,413 करोड़** की लागत वाला यह 6-लेन एक्सप्रेसवे अब ऑपरेशनल हो गया है।
प्रोजेक्ट शुरू, कमाई की उम्मीदें!
कंपनी ने बताया है कि उनकी सहायक कंपनी, कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड, को नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से इस प्रोजेक्ट के लिए प्रोविज़नल कंप्लीशन सर्टिफिकेट (PCOD) मिल चुका है। यह सर्टिफिकेट मिलने का मतलब है कि ₹1,413 करोड़ की लागत वाला यह 6-लेन एक्सप्रेसवे अब कमर्शियल ऑपरेशंस के लिए तैयार है।
क्या है यह प्रोजेक्ट?
यह प्रोजेक्ट असल में कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे (पैकेज-1) का हिस्सा है, जिसे हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर बनाया गया है। NHAI से PCOD मिलने के साथ ही यह साबित होता है कि PNC Infratech जैसी कंपनियां बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की क्षमता रखती हैं।
आगे क्या?
इस प्रोजेक्ट के ऑपरेशनल होने से कंपनी अब टोल या एन्युटी पेमेंट्स के ज़रिए रेवेन्यू जेनरेट करना शुरू कर सकती है। बता दें कि प्रोजेक्ट की शुरुआत 1 फरवरी, 2023 को हुई थी और इसे 910 दिनों में पूरा किया जाना था। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में भारतमाला परियोजना के तहत बनाया गया है।
निवेशकों के लिए ज़रूरी बात
हालांकि, निवेशकों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कंसेशन एग्रीमेंट में 'प्राइस इंडेक्स मल्टीपल' (Price Index Multiple) का ज़िक्र है। इसका मतलब है कि भविष्य में मिलने वाला रेवेन्यू और फाइनल फाइनेंसियल आउटकम्स इकोनॉमिक इंडेक्स के आधार पर बदल सकते हैं। इसलिए, आने वाले समय में इस एक्सप्रेसवे से होने वाली कमाई पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
