PDP Shipping & Projects Ltd ने अपना FY26 का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। कंपनी का रेवेन्यू **27.7%** बढ़कर **₹27.85 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि नेट प्रॉफिट **40.4%** गिरकर **₹1.26 करोड़** रहा। राहत की बात यह है कि कंपनी ने पहली बार **₹1** प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा की है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और डिविडेंड
कंपनी ने FY26 में अपने ऑपरेशनल रेवेन्यू को 27.7% बढ़ाकर ₹27.85 करोड़ तक पहुँचाया है। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर निवेशकों को थोड़ी निराशा हुई है, क्योंकि नेट प्रॉफिट 40.4% की गिरावट के साथ ₹1.26 करोड़ रहा, जिससे EPS ₹4.22 पर आ गया। पहली बार ₹1 प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान शेयरधारकों के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
मार्जिन पर दबाव और चुनौतियां
मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से ऊंचे ऑपरेशनल खर्च और ₹0.27 करोड़ के ग्रेच्युटी प्रोविजन के कारण आई है। निवेशकों को कंपनी की मार्जिन सुधारने की क्षमता पर नजर रखनी होगी। हालांकि, कंपनी अब लॉन्ग-टर्म कर्ज से मुक्त (Debt-free) हो चुकी है, जो एक बड़ा प्लस पॉइंट है।
गवर्नेंस और अनुपालन (Compliance) पर सवाल
ऑडिटर्स ने रिपोर्ट में दो मुख्य आपत्तियां जताई हैं:
- होल-टाइम डायरेक्टर शालिनी अभ्युदय वर्मा को दी गई सैलरी 'कंपनीज एक्ट' की तय सीमा से ज्यादा थी, जिस पर अब शेयरधारकों की मंजूरी ली जा रही है।
- कंपनी के अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' फीचर की कमी थी, जिसे ठीक करने का दावा मैनेजमेंट ने किया है।
आगे की रणनीति
कंपनी अब मुंबई में अपने नए ऑफिस के जरिए ऑपरेशंस को विस्तार दे रही है। साथ ही, IATA एक्रेडिटेशन हासिल करने की कोशिश की जा रही है ताकि एयरफ्रेट कारोबार में सीधी पकड़ बनाई जा सके। अब निवेशकों की नजरें शेयरधारकों की आगामी वोटिंग और कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर टिकी रहेंगी।
