North Eastern Carrying Corporation ने सितंबर **2026** तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट **₹2.15 करोड़** रहा है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले **7%** अधिक है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी ने सितंबर तिमाही में स्थिर प्रदर्शन दिखाया है। ऑपरेशन से रेवेन्यू मामूली बढ़त के साथ ₹76.27 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछली तिमाही में ₹75.58 करोड़ था। कंपनी का बेसिक ईपीएस (EPS) 0.18 से बढ़कर 0.22 पर पहुंच गया है।
ऑडिटर्स की 'चेतावनी'
कंपनी के नतीजों के साथ ही स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स, Nemani Garg Agarwal & Co ने कुछ अहम चिंताओं की ओर इशारा किया है। ऑडिटर्स ने 'डाउटफुल डेट्स' (डूबने वाले कर्ज) के लिए प्रोविजन न बनाने और अनकन्फर्म्ड डेबिट-क्रेडिट बैलेंस पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि बकाया राशि पूरी तरह से वसूलने योग्य है, लेकिन निवेशकों को कैश कलेक्शन के आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए।
लीडरशिप में बदलाव
कंपनी के बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उत्कर्ष जैन (Utkarsh Jain) की भूमिका में बदलाव किया है। वे अब 24 अक्टूबर 2026 से होल-टाइम एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की जगह नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करेंगे।
निवेशकों के लिए सलाह
ऑडिटर की टिप्पणियों के बाद शेयरधारकों को कंपनी के ट्रेड रिसीवेबल टर्नओवर रेशियो की बारीकी से जांच करनी चाहिए। यह कंपनी की लिक्विडिटी और प्रॉफिट की क्वालिटी को समझने के लिए बेहद जरूरी है।
