Kalyani Cast-Tech को गुजरात के कच्छ में इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) बनाने के लिए CBIC से लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिल गया है। कंपनी को यह सुविधा एक साल के भीतर शुरू करनी होगी।
बड़ा कदम, बड़ी जिम्मेदारी
Kalyani Cast-Tech को सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) से यह हरी झंडी 10 सितंबर, 2026 को मिली है। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी को 1 साल का समय दिया गया है, जिसके भीतर इस डिपो को पूरी तरह से ऑपरेशनल करना होगा।
क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
यह डिपो कंपनी के शिवलखा, कच्छ स्थित ऑपरेशंस का हिस्सा होगा। कंपनी अब केवल मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि खुद को एक इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित कर रही है। इसमें रेल लॉजिस्टिक्स, कार्गो हैंडलिंग, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और वैगन मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।
बिज़नेस मॉडल में बदलाव
कंपनी की सहायक कंपनी KMT Engineering ने पहले ही वहां Gati Shakti Cargo Terminal (KEGS) शुरू किया हुआ है। इसके अलावा:
- 10,000 TEUs प्रति वर्ष की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता।
- 2,400 वैगन प्रति वर्ष बनाने की तैयारी।
निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर
कंपनी ने ₹4,000-5,000 करोड़ के लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है, लेकिन यह पूरी तरह से मार्केट की डिमांड, सरकारी नीतियों और समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने पर निर्भर है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि रणनीतिक वैल्यू अपनी जगह है, लेकिन असली मुनाफा तभी दिखेगा जब ये एसेट्स थर्ड-पार्टी कार्गो और रेगुलर लॉजिस्टिक्स आय जेनरेट करना शुरू करेंगे।
