Jujhar Logistics ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने पिछले साल के नुकसान से उबरते हुए **₹7.67 करोड़** का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है, जो इसके अधिग्रहण (Acquisition) के बाद की रणनीति का परिणाम है।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड की कहानी
कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर में बड़ी छलांग लगाई है। पिछले साल जहाँ कंपनी को ₹1.15 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा था, वहीं इस बार ₹7.67 करोड़ का दमदार मुनाफा कंपनी के खाते में आया है। कंपनी का रेवेन्यू भी उछलकर ₹74.88 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹23.10 करोड़ था।
क्यों बदली तस्वीर?
इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह 18 नवंबर 2025 को हुआ 'Jujhar Logistic & Travels Ltd' का अधिग्रहण है। अब कंपनी पूरी तरह से ऑटोमोटिव लॉजिस्टिक्स पर फोकस कर रही है। यह सब्सिडियरी कंपनी Maruti Suzuki, Tata Motors और Kia जैसे बड़े OEMs के साथ काम करने का 35 साल पुराना अनुभव लेकर आई है। कंपनी के पास अभी 406 कैरियर हैं और यह 600 से ज्यादा लोकेशंस पर काम कर रही है।
मार्जिन्स और भविष्य की चुनौतियां
भले ही टॉप-लाइन ग्रोथ शानदार है, लेकिन मार्जिन्स पर दबाव साफ दिख रहा है। कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 25.6% से गिरकर 21.9% पर आ गया है। इसकी मुख्य वजह फ्लीट और नेटवर्क विस्तार में किया गया भारी खर्च है।
आगे का रास्ता (Growth Strategy)
कंपनी ने अपने कारोबार को तीन गुना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वे तीन मुख्य पिलर्स पर काम कर रहे हैं:
- रोड कार कैरियर बिजनेस का तेजी से विस्तार।
- रेल लॉजिस्टिक्स में प्रवेश ताकि कार्बन फुटप्रिंट को कम किया जा सके।
- EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट-रेडी स्टॉक यार्ड्स के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना।
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी कितनी कुशलता से अपने अधिग्रहण का एकीकरण (Integration) कर पाती है और बढ़ते खर्चों के बीच मार्जिन्स को कैसे मैनेज करती है।
