InterGlobe Aviation ने FY26 में दर्ज किया ₹2,393.6 करोड़ का शुद्ध घाटा, नए CEO की हुई नियुक्ति
InterGlobe Aviation, जो IndiGo एयरलाइन की मूल कंपनी है, ने 2026 के वित्तीय वर्ष (FY26) के लिए ₹2,393.6 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) घोषित किया है। पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) में कंपनी ने ₹7,258.4 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जो एक बड़ा उलटफेर दर्शाता है। इस साल के नतीजों में ₹1,796.4 करोड़ के असाधारण आइटम्स (Exceptional Items) का भी बड़ा योगदान रहा।
क्या हुआ?
कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे भी जारी किए, जिसमें ₹2,536.9 करोड़ का घाटा दर्ज किया गया। पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए शुद्ध घाटा ₹2,393.6 करोड़ रहा। ये असाधारण खर्चे नए लेबर कोड्स और फ्लाइट कैंसलेशन जैसे कारणों से हुए हैं, जिन्होंने कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) पर गहरा असर डाला है। इसके अलावा, चल रहे रेगुलेटरी और टैक्स से जुड़े मुद्दे भी कंपनी के लिए बड़ी चिंताएं पैदा कर रहे हैं।
बड़ी बातें
- FY26 का कुल राजस्व (Revenue): ₹84,961.9 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹80,802.9 करोड़ से ज़्यादा है।
- FY26 का शुद्ध घाटा (Net Loss): ₹2,393.6 करोड़ (FY25 में ₹7,258.4 करोड़ का मुनाफा था)
- असाधारण खर्चे (Exceptional Items) FY26: ₹1,796.4 करोड़
आगे क्या?
कंपनी ने विलियम वाल्श को 3 अगस्त 2026 से नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। वे पेट्रस जोहान्स थेओडोरस एलबर्स का स्थान लेंगे। इस नेतृत्व परिवर्तन से कंपनी की रणनीति में नए बदलाव आने की उम्मीद है। बोर्ड ने USD 450 मिलियन तक के फाइनेंस लीज प्रीपेमेंट को भी मंजूरी दे दी है।
जोखिम और चुनौतियाँ
कंपनी पर ₹2,418.5 करोड़ के टैक्स एक्सपोजर (Tax Exposures) और ₹2,202.8 करोड़ के IGST भुगतान (जिसे चुनौती दी गई है) से जुड़ी बड़ी आकस्मिक देनदारियां (Contingent Liabilities) हैं। इसके अलावा, दिसंबर 2025 में हुई परिचालन संबंधी बाधाओं के बाद भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की जांच भी एक बड़ा रेगुलेटरी जोखिम है।
