InterGlobe Aviation (IndiGo) ने Q2 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के **₹26 अरब** से घटकर **₹19 अरब** रह गया है, जबकि टोटल इनकम **24%** बढ़कर **₹243 अरब** पर पहुंच गई है।
मुनाफे की राह में क्या हैं बाधाएं?
कंपनी के रेवेन्यू में तो 24% की शानदार बढ़त दिखी है, लेकिन ऑपरेशनल मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। इसका मुख्य कारण फ्यूल CASK में साल-दर-साल 69% की भारी वृद्धि और रुपये की वैल्यू में 9% की गिरावट रही, जिससे खर्चों का बोझ बढ़ गया है। वहीं, EBITDAR मार्जिन पिछले साल के 6% से सुधरकर 11% हो गया है।
बड़ा फैसला: लॉन्ग-हॉल ऑपरेशन बंद
IndiGo ने एक बड़ा स्ट्रैटेजिक फैसला लेते हुए 1 नवंबर, 2026 से अपनी वाइड-बॉडी डैम्प-लीज ऑपरेशंस (damp-lease operations) को बंद करने का ऐलान किया है। कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक, फिलहाल ईंधन की कीमतों और करेंसी के मौजूदा हालातों को देखते हुए यह फैसला लेना जरूरी था। अब कंपनी साल 2028 में खुद के A350 एयरक्राफ्ट आने तक अपने मुख्य शॉर्ट-हॉल बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करेगी।
आगे क्या उम्मीद करें?
मैनेजमेंट ने Q3 FY27 के लिए कैपेसिटी में मामूली ग्रोथ का संकेत दिया है। वहीं, PRASK (पैसेंजर रेवेन्यू पर अवेलेबल सीट किलोमीटर) में 25% से ज्यादा की बढ़त की उम्मीद है। हालांकि, निवेशकों को ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये की कमजोरी पर नजर रखनी होगी, क्योंकि कंपनी के अधिकांश खर्च डॉलर में होते हैं।
