IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation पर अहमदाबाद कस्टम कमिश्नर ने **₹3.5 करोड़** का जुर्माना लगाया है। यह मामला एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के इंपोर्ट ड्यूटी से जुड़ा है, जिस पर कंपनी अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रही है।
जुर्माना और विवाद की वजह
अहमदाबाद के प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ कस्टम्स ने InterGlobe Aviation के खिलाफ एक औपचारिक आदेश जारी किया है। यह विवाद मुख्य रूप से मई 2024 से अगस्त 2025 के बीच एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के इंपोर्ट पर टैक्स के दावों से संबंधित है। कंपनी पर ड्यूटी का अंतर निकालने और उस पर ₹3.5 करोड़ का जुर्माना लगाने का आरोप है।
कंपनी का क्या है स्टैंड?
मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि उन्होंने सभी ड्यूटी का भुगतान नियमों के अनुसार किया है। कंपनी ने इस आदेश को गलत मानते हुए इसे हायर अपीलेट अथॉरिटी (Higher Appellate Authority) में चुनौती देने का फैसला किया है। एयरलाइन ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि इस जुर्माने का कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ या रोजाना की फ्लाइट ऑपरेशंस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
गवर्नेंस पर सवाल
हालांकि कंपनी इसे बड़ा मुद्दा नहीं मान रही, लेकिन इस ऑर्डर की जानकारी देने में हुई थोड़ी देरी पर भी चर्चा है। कंपनी ने स्वीकार किया कि इंटरनल कम्युनिकेशन में कमी के कारण फाइलिंग में देरी हुई, जिस पर बाजार की नजर बनी हुई है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब कानूनी प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए। यदि मामला कंपनी के पक्ष में नहीं रहता है, तो अतिरिक्त कानूनी खर्च और ड्यूटी का भुगतान करना पड़ सकता है। फिलहाल, एयरलाइन की उड़ानों और फ्यूल प्रोक्योरमेंट स्ट्रेटजी में किसी भी बदलाव की उम्मीद नहीं है।
