Innovision Limited ने मध्य प्रदेश में NHAI से दो नए टोल कलेक्शन कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं। इन प्रोजेक्ट्स की कुल ग्रॉस वैल्यू **₹243.6 करोड़** है।
क्या है पूरा मामला?
Innovision Limited ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की दो बड़ी निविदाएं (tenders) जीती हैं। ये कॉन्ट्रैक्ट एक साल की अवधि के लिए हैं, जिसमें इंदौर-देवास (NH-3) सेक्शन के लिए ₹219.07 करोड़ और झांसी-खजुराहो (NH-39) सेक्शन के लिए ₹24.53 करोड़ की वैल्यू शामिल है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ₹243.6 करोड़ की यह कुल रकम टोल कलेक्शन की ग्रॉस वैल्यू है, जिसे NHAI को जमा करना होता है। कंपनी का बिजनेस मॉडल 'स्प्रेड-बेस्ड' है, यानी कंपनी को इसमें से केवल एक तय हिस्सा ही मिलता है। इसलिए, निवेशकों को इसे कंपनी की कुल कमाई (नेट रेवेन्यू) समझने की गलती नहीं करनी चाहिए।
कंपनी की रणनीति
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Lt. Col. Randeep Hundal का कहना है कि उनकी रणनीति छोटे-छोटे कई प्लाजा का काम लेकर अपने कारोबार को विस्तार देने की है। इससे किसी एक कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भरता कम होती है और कंपनी का 'एसेट-लाइट' मॉडल उसे वित्तीय जोखिम से बचाता है। कंपनी अब टोल मैनेजमेंट के साथ-साथ डिजिटल सिस्टम और मैनपावर डिवीजन पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।
