IRCTC के शेयरधारकों ने कंपनी के 'आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन' (AoA) में बड़े बदलावों को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस कदम से कंपनी को नवरत्न का दर्जा मिलने के बाद अब बोर्ड को नई परियोजनाओं और सहायक कंपनियों के विस्तार के लिए अधिक स्वायत्तता (Autonomy) मिलेगी।
गवर्नेंस फ्रेमवर्क में बड़ा बदलाव
Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने नवरत्न स्टेटस मिलने के बाद अपनी गवर्नेंस नीति में बड़े बदलाव किए हैं। अब कंपनी के पास प्रोजेक्ट विस्तार के लिए पहले से कहीं अधिक पावर होगी, हालांकि यह सरकारी दिशा-निर्देशों के दायरे में ही काम करेगी।
क्या हुआ बदलाव?
29 सितंबर, 2026 को आयोजित 27वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने आर्टिकल 59(vi) और 69(xxvi)(n) में संशोधन पर अपनी मुहर लगा दी है।
इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करना है:
- आर्टिकल 59(vi): अब IRCTC सहायक कंपनियों को बढ़ावा देने और प्रॉफिट-शेयरिंग एग्रीमेंट करने के लिए स्वतंत्र है।
- आर्टिकल 69(xxvi)(n): कंपनी को बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और बड़े कैपिटल प्रोजेक्ट्स के लिए सीधे निर्णय लेने का अधिकार मिल गया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
अब कंपनी अपनी आंतरिक पूंजी (Internal Resources) का उपयोग बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए अधिक तेजी से कर पाएगी। यह निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगा। हालांकि, निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी कैसे बिना अपनी बैलेंस शीट पर अतिरिक्त दबाव डाले इन नई शक्तियों का उपयोग करती है।
अगला कदम
फिलहाल, कंपनी को Registrar of Companies (ROC), दिल्ली से अंतिम कानूनी मंजूरी का इंतजार है। आने वाले कुछ हफ्तों में इस प्रक्रिया के पूरा होने की उम्मीद है।
