IRCTC पर टैक्स का भारी दबाव: GST ट्रिब्यूनल का आदेश, कंपनी को देने होंगे **₹50 करोड़** से ज्यादा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
IRCTC पर टैक्स का भारी दबाव: GST ट्रिब्यूनल का आदेश, कंपनी को देने होंगे **₹50 करोड़** से ज्यादा

GST अपीलेट ट्रिब्यूनल ने IRCTC को **₹50.41 करोड़** का प्रोफिटियरिंग अमाउंट जमा करने का आदेश दिया है। साथ ही **18%** ब्याज का भी बोझ है। कंपनी इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

कानूनी उलझन और वित्तीय बोझ

GST अपीलेट ट्रिब्यूनल ने 14 अक्टूबर, 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए IRCTC की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। यह विवाद जून 2020 में शुरू हुआ था, जिसमें अब ट्रिब्यूनल ने DGAP की रिपोर्ट को सही ठहराते हुए ₹50,41,44,461 की रकम जमा करने का आदेश दिया है।

क्या है बड़ा जोखिम?

कंपनी को मूल राशि के साथ-साथ जून 2019 से 18% प्रति वर्ष की दर से ब्याज भी चुकाना होगा। यह रकम सेंट्रल और स्टेट कंज्यूमर वेलफेयर फंड में जाएगी। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि 30 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो 10% का अतिरिक्त जुर्माना भी लग सकता है, जो कंपनी के कैश फ्लो पर सीधा असर डालेगा।

मैनेजमेंट का अगला कदम

IRCTC ने साफ कर दिया है कि वह ट्रिब्यूनल के इस फैसले से सहमत नहीं है। कंपनी अब इस मामले को ऊपरी अदालतों में चुनौती देने की तैयारी में है। निवेशकों के लिए फिलहाल यह कानूनी लड़ाई लंबी खिंच सकती है, जिससे कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना रह सकता है। अब बाजार की नजरें इस बात पर हैं कि क्या अदालत से कोई स्टे ऑर्डर मिलता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.