IRCTC ने FY 2025-26 के लिए अब तक के सबसे शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹1,393 करोड़** और रेवेन्यू **₹5,215 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके बाद निवेशकों के लिए **₹9** प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया गया है।
मुनाफे और डिविडेंड की बौछार
वित्त वर्ष 2025-26 में IRCTC ने जबरदस्त रफ्तार दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹1,393 करोड़ हो गया है, जबकि रेवेन्यू में 11.55% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस शानदार परफॉर्मेंस का फायदा सीधे निवेशकों को ₹9 प्रति शेयर के डिविडेंड के रूप में मिल रहा है।
सेगमेंट वाइज ग्रोथ
कंपनी के सभी प्रमुख वर्टिकल्स ने शानदार प्रदर्शन किया है:
- कैटरिंग: रेवेन्यू ₹2,399 करोड़ (+12.88%) रहा, जिसमें 63 करोड़ से अधिक मील परोसे गए।
- इंटरनेट टिकटिंग: रेवेन्यू ₹1,536 करोड़ (+7.66%) रहा, और कंपनी के पास रिजर्व टिकट मार्केट की 88.74% हिस्सेदारी है।
- टूरिज्म: रेवेन्यू ₹890 करोड़ (+19.49%) रहा और प्रॉफिट में 35.90% की भारी उछाल देखी गई।
- रेल नीर (Rail Neer): यहां रेवेन्यू ₹407 करोड़ रहा और प्रॉफिट 20.65% बढ़ गया।
गवर्नेंस पर सवालिया निशान
मजबूत फाइनेंशियल नंबर्स के बावजूद, निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है। कंपनी में अभी भी जरूरी संख्या में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स और एक इंडिपेंडेंट महिला डायरेक्टर की कमी है। SEBI और कंपनी कानून के नियमों का पालन न होने के कारण कंपनी को पहले भी रेगुलेटरी पेनल्टी का सामना करना पड़ा है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह नियुक्ति प्रक्रिया रेल मंत्रालय के अधीन है, जिसे पूरा करना कंपनी की प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि आगे किसी बड़ी मुसीबत से बचा जा सके।
