IRB Infrastructure Developers ने जुलाई महीने के लिए अपने टोल रेवेन्यू के आंकड़े जारी कर दिए हैं, जिसमें पिछले साल की तुलना में **26%** की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई है। कंपनी ने इस महीने कुल **₹798 करोड़** का टोल कलेक्शन किया है।
टोल कलेक्शन में क्यों आई बंपर तेजी?
कंपनी के मुताबिक, यह शानदार ग्रोथ कई वजहों से आई है। लगातार मजबूत हो रही आर्थिक गतिविधियां, ट्रैफिक में अच्छी बढ़ोतरी, नए प्रोजेक्ट्स (BOT और TOT) का जुड़ना और टोल रेट में हुए रिवीजन (tariff revisions) ने इस बार कलेक्शन को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है।
क्या है कंपनी की पूरी कहानी?
IRB Infrastructure फिलहाल देश भर में 13 राज्यों में फैले 28 हाईवे प्रोजेक्ट्स का संचालन करती है, जिनसे हर दिन औसतन 15 लाख वाहन गुजरते हैं। कंपनी अपने InvIT (Infrastructure Investment Trust) के जरिए फंड जुटाने की रणनीति पर काम कर रही है और 'कैश-हार्वेस्टिंग' फेज में है। इन प्रोजेक्ट्स की औसत बची हुई कंसेशन लाइफ (residual concession life) करीब 21 साल है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है।
आगे क्या उम्मीदें?
कंपनी मैनेजमेंट का मानना है कि यह पॉजिटिव ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा। खासकर नए एसेट्स के जुड़ने और आर्थिक रफ्तार के चलते रेवेन्यू में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए खास
यह आंकड़े बताते हैं कि IRB Infrastructure अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और नए प्रोजेक्ट्स को जोड़ने में कामयाब रही है। निवेशकों को अब कंपनी के FY2029 के लक्ष्य पर नजर रखनी चाहिए, जिसमें वे अपने एसेट बेस को ₹1,400 अरब तक बढ़ाना चाहते हैं। साथ ही, कंपनी की कैपिटल एलोकेशन (capital allocation) की स्ट्रैटेजी पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
