IRB Infrastructure Developers के नतीजे निवेशकों के लिए खुशखबरी लेकर आए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 85% बढ़कर ₹260.31 करोड़ पर पहुंच गया है, साथ ही निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा भी मिला है।
मुनाफे की रफ्तार और रेवेन्यू
कंपनी के प्रदर्शन में यह सुधार काफी ठोस है। बीते साल की समान तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹140.82 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹260.31 करोड़ हो गया है। वहीं, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹1,751.02 करोड़ से बढ़कर ₹1,897.09 करोड़ पर पहुंच गया है।
डिविडेंड का तोहफा
बोर्ड ने निवेशकों के लिए ₹0.05 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर, 2026 तय की गई है और निवेशकों के खाते में यह पैसा 4 दिसंबर, 2026 तक आ जाएगा।
'BEST' स्ट्रैटेजी और एसेट मोनेटाइजेशन
कंपनी ने अपने दो BOT हाईवे एसेट्स को Public InvIT में ट्रांसफर किया है, जिससे उन्हें ₹2,744 करोड़ की बड़ी रकम मिली है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर वीरेंद्र डी. म्हैसकर ने बताया कि उनकी 'BEST' (Build, Extend, Stake, Transfer) स्ट्रैटेजी सही दिशा में काम कर रही है। इस पूंजी का इस्तेमाल अब करीब ₹80 बिलियन की नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक ₹1,400 बिलियन का एसेट बेस तैयार करना है।
आगे क्या ध्यान रखें?
इन्वेस्टर्स को अब कंपनी के नए प्रोजेक्ट विन और आगे के एसेट मोनेटाइजेशन पर नजर रखनी होगी। हालांकि, बढ़ती ब्याज दरें और मैक्रोइकोनॉमिक चुनौतियां फिलहाल सेक्टर के लिए कुछ हद तक जोखिम बनी हुई हैं, जिस पर निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
