Great Eastern Shipping ने ओपन मार्केट से **₹900 करोड़** का शेयर बायबैक करने की मंजूरी दी है। कंपनी ने बायबैक के लिए **₹1,530** प्रति शेयर की अधिकतम कीमत तय की है, जिसका फायदा सिर्फ पब्लिक शेयरहोल्डर्स को मिलेगा।
बायबैक की बारीकियां
Great Eastern Shipping Company के बोर्ड ने ओपन मार्केट रूट के जरिए शेयर बायबैक के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत कंपनी अपनी कुल पेड-अप इक्विटी का 4.12% हिस्सा वापस खरीदेगी। बायबैक की प्रक्रिया 4 सितंबर, 2026 तक शुरू हो जाएगी और इसे पूरा करने के लिए 66 वर्किंग डेज का समय रखा गया है।
क्यों खास है यह कदम?
यह कदम शेयरहोल्डर्स के लिए रिटर्न्स बढ़ाने का एक सीधा तरीका है। इससे कंपनी की Return on Equity (ROE) और Earnings Per Share (EPS) में सुधार की उम्मीद है। कंपनी अपने पास मौजूद एक्स्ट्रा कैश का इस्तेमाल कर रही है ताकि निवेशकों को वैल्यू मिल सके। चूंकि बायबैक का आकार कंपनी के कुल इक्विटी और फ्री रिजर्व के 10% के भीतर है, इसलिए इसके लिए अलग से शेयरहोल्डर्स की मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे प्रक्रिया जल्दी शुरू हो सकेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
ओपन मार्केट में बायबैक होने के कारण, कंपनी की खरीद एक्टिविटी शेयर की कीमत को एक सपोर्ट लेवल प्रदान करेगी। ध्यान रखें कि इस बायबैक में प्रमोटर्स हिस्सा नहीं ले पाएंगे, यानी यह पूरा लाभ केवल पब्लिक निवेशकों के लिए है। कंपनी ने ₹900 करोड़ में से कम से कम ₹675 करोड़ (कुल राशि का 75%) खर्च करने का लक्ष्य रखा है।
आगे की राह
निवेशकों को अब BSE और NSE पर कंपनी द्वारा दी जाने वाली डेली डिस्क्लोजर रिपोर्ट पर नजर रखनी चाहिए। इन रिपोर्ट्स से पता चलेगा कि कंपनी ने कितने शेयर वापस खरीदे हैं और काम कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह प्रोग्राम 11 दिसंबर, 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
