Glottis Ltd के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 काफी मुश्किल भरा रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **23.2%** गिरकर **₹7,226 मिलियन** और नेट प्रॉफिट **32.9%** घटकर **₹377 मिलियन** रह गया है।
मुनाफे और रेवेन्यू पर दबाव
Glottis Ltd ने लिस्टेड कंपनी के तौर पर अपना पहला एनुअल रिपोर्ट पेश किया है। पिछले साल के ₹9,412 मिलियन के मुकाबले इस बार रेवेन्यू ₹7,226 मिलियन पर आ गया है। कंपनी के EBITDA मार्जिन में भी 140 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट देखी गई है, जो अब 6.9% है। ग्लोबल स्तर पर कंटेनर ट्रेड में सुस्ती और घटते फ्रेट रेट्स का सीधा असर नतीजों पर दिख रहा है।
क्यों बदल रही है रणनीति?
कंपनी अब किराए के एसेट्स के बजाय खुद का फ्लीट (Owned fleet) बनाने पर जोर दे रही है। इस साल कंपनी ने 42 नए कमर्शियल वाहन जोड़े हैं। आने वाले समय में ₹1,300 मिलियन के निवेश से 150 ट्रेलर्स और 1,000 कंटेनर जोड़ने की योजना है ताकि ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाई जा सके। कंपनी का 40.9% रेवेन्यू फिलहाल रिन्यूएबल एनर्जी लॉजिस्टिक्स से आता है।
निवेशकों के लिए चिंताएं
बोर्ड ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है। इसके अलावा, कंपनी के ट्रेड रिसीवेबल्स में सालाना आधार पर करीब 60% का उछाल आया है, जो बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए क्रेडिट अवधि बढ़ाने का संकेत है। साथ ही, टॉप 5 ग्राहकों पर 33% रेवेन्यू की निर्भरता एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। वर्तमान में कंपनी की क्रेडिट रेटिंग CRISIL BBB+/Stable है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजरें IPO के बचे हुए ₹1,245.6 मिलियन फंड के इस्तेमाल पर हैं, जिसकी समयसीमा को 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया गया है। कंपनी को ऑटो और इंजीनियरिंग सेक्टर में अपनी पहुंच बढ़ानी होगी ताकि सोलर सेक्टर पर निर्भरता कम हो सके। कंपनी की 4th एनुअल जनरल मीटिंग 28 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
