लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Gateway Distriparks ने FY26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए **₹259 करोड़** का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। कंपनी ने इंदौर में नई टर्मिनल जमीन खरीदी है और अंकलेश्वर में एक खास पार्टनरशिप की है। हालांकि, जयपुर ICD प्रोजेक्ट से जुड़े कानूनी विवाद पर ऑडिटर की टिप्पणी निवेशकों के लिए एक अलर्ट है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Gateway Distriparks का वित्त वर्ष FY26 काफी मजबूत रहा है। कंपनी ने ₹2,229 करोड़ की कुल इनकम दर्ज की है, जबकि इनका EBITDA मार्जिन 22.3% रहा। कंपनी का कुल थ्रूपुट बढ़कर 7.64 लाख TEUs हो गया है, जो पिछले साल 7.25 लाख TEUs था। कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स के लिए ₹3.25 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।
विस्तार की नई रणनीति
कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए रेल-लिंक्ड टर्मिनल्स पर जोर दिया है। अंकलेश्वर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क में 15 साल का एक एक्सक्लूसिव एग्रीमेंट साइन किया गया है। इसके अलावा, इंदौर में 25 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है, जहां FY28 से ऑपरेशंस शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही, Snowman Logistics का एकीकरण भी रेवेन्यू के नजरिए से कंपनी के लिए फायदेमंद साबित हुआ है।
रिस्क फैक्टर: जयपुर ICD केस
कंपनी के ऑडिटर्स, S.R. Batliboi & Co. LLP, ने जयपुर ICD प्रोजेक्ट को लेकर 'मोडिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। अधिकारियों ने इस संपत्ति को 'बेनामी' करार दिया है, जिसे लेकर कंपनी ने अपीलीय न्यायाधिकरण (Appellate Tribunal) में चुनौती दी है। कंपनी का कहना है कि अभी किसी प्रोविजन की जरूरत नहीं है, लेकिन यह मामला गवर्नेंस के लिहाज से एक रिस्क बना हुआ है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले पर नजर रखनी होगी। साथ ही, इंदौर ICD की प्रगति और अंकलेश्वर फैसिलिटी के ऑपरेशंस पर आने वाले अपडेट्स लंबी अवधि के लिए काफी महत्वपूर्ण होंगे।
