Gateway Distriparks के रेल वॉल्यूम में तिमाही-दर-तिमाही **11%** की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। कंपनी ने वेस्टर्न DFC पर अपनी डबल-स्टैक ट्रेन सेवा शुरू कर दी है, जबकि जयपुर ICD को फिर से शुरू करने के लिए उसे कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
रेल ऑपरेशन में तेजी और नए माइलस्टोन्स
Gateway Distriparks ने अपने रेल ऑपरेशंस में जबरदस्त मजबूती दिखाई है। कंपनी का लक्ष्य प्रति तिमाही 100,000 TEUs का वॉल्यूम हासिल करना है। 20 जून 2026 को कंपनी ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर अपनी पहली डबल-स्टैक ट्रेन का सफल संचालन किया, जो इसकी लॉजिस्टिक्स क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इसके अलावा, कंपनी को अपने Ankleshwar MMLP EXIM ऑपरेशंस के लिए सभी जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी मिल गई है।
क्यों है यह खबर अहम?
वेस्टर्न DFC पर डबल-स्टैक ट्रेनों का चलना कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिससे वह सड़क परिवहन (Road Transport) के मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सके। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इससे आने वाले समय में JNPT पोर्ट पर ट्रैफिक में इजाफा होगा। हालांकि, सड़क से रेल पर माल ढुलाई का ट्रांजिशन काफी धीमा है और यह पूरी तरह शिपिंग लाइन्स के व्यवहार पर निर्भर है।
जयपुर ICD का कानूनी पेंच
कंपनी के लिए जयपुर ICD का मामला सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। फिलहाल निर्माण कार्य रुका हुआ है क्योंकि मामला कोर्ट में है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि अंतिम बहस पूरी हो चुकी है और जजमेंट रिजर्व है। अगर फैसला कंपनी के पक्ष में आता है, तो इसे चालू होने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा।
Snowman Logistics के सामने चुनौतियां
Snowman Logistics का सालाना EBITDA टारगेट ₹100 करोड़ से अधिक है, लेकिन कंपनी पर मजदूरी और बिजली खर्च का दबाव बढ़ा है। हालांकि मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल के जरिए इन खर्चों को संतुलित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन 5PL सेगमेंट का प्रदर्शन इस तिमाही में सुस्त रहा है। कंपनी फिलहाल 23,000 पैलेट की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है, जो भविष्य में मार्जिन सुधारने में मदद कर सकता है।
