Gateway Distriparks ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू तिमाही आधार पर बढ़ा है, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में मिली क्वालिफिकेशन और कानूनी विवादों ने निवेशकों के लिए जोखिम भी खड़ा कर दिया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में Gateway Distriparks का प्रदर्शन सुधरा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹58.53 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही के ₹51.27 करोड़ से ज्यादा है। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी बढ़कर ₹580.13 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹549.30 करोड़ था। कंपनी के बोर्ड ने Mr. Samvid Gupta को दोबारा जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दी है, जो 7 फरवरी, 2027 से प्रभावी होगा।
ऑडिट रिपोर्ट पर क्यों है सवाल?
नतीजों के साथ ही ऑडिटर S.R. Batliboi & Co. LLP ने अपनी रिपोर्ट में क्वालिफिकेशन (Qualification) दर्ज की है। सबसे बड़ी चिंता ₹8.66 करोड़ के उन एडवांस को लेकर है, जो जमीन अधिग्रहण से जुड़े हैं और बेनामी संपत्ति कानून (Prohibition of Benami Property Transactions Act, 1988) के तहत अटैचमेंट की प्रक्रिया में हैं। ऑडिटर ने इनकी रिकवरी पर स्पष्ट राय देने से इनकार किया है।
बड़े रिस्क और आगे की राह
कंपनी के सामने SEIS बेनेफिट्स को लेकर ₹184.10 करोड़ का विवादित मामला भी चल रहा है। हालांकि मैनेजमेंट अपनी स्थिति को लेकर आश्वस्त है, लेकिन इस तरह के कानूनी और टैक्स संबंधी मामले वित्तीय जोखिम पैदा करते हैं। निवेशकों को अब कंपनी के आगामी पोस्टल बैलट नतीजों और कानूनी विवादों के अपडेट पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
