Garware Offshore Services ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹35.72 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन नेट लॉस बढ़कर **₹11.70 करोड़** हो गया है।
घाटा बढ़ने की वजह क्या है?
कंपनी ने नतीजों में बताया कि टॉप-लाइन में ग्रोथ के बावजूद बॉटम-लाइन पर दबाव रहा। इसकी मुख्य वजह हायर डिप्रिसिएशन (Depreciation) और ब्याज खर्च (Interest costs) में बढ़ोतरी है। कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
फ्लीट और ऑपरेशनल अपडेट
कंपनी अपने फ्लीट को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। M.V. Mahanadi को भारत के पूर्वी तट पर 8 महीने के कॉन्ट्रैक्ट के लिए तैनात किया गया है। इसके अलावा, M.V. Kamet के लिए भी कंपनी को 4+1 साल का एक बड़ा लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जो अगस्त 2026 से प्रभावी होगा।
फाइनेंशियल सेहत पर नजर
कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो (Debt-Equity Ratio) 318% बढ़कर 0.01 से 0.39 पर आ गया है। कंपनी ने नए जहाजों को खरीदने के लिए लोन लिया है, जिसका असर इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) पर पड़ा है, जो कि 32.5% नीचे गिर गया है।
जोखिम और कानूनी विवाद
निवेशकों को कंपनी के सिर पर मंडरा रहे कानूनी संकट पर नजर रखनी चाहिए। लंदन की हाई कोर्ट में Ocean Clap Shipping Limited और MT Kailash Sarl की तरफ से $13.5 मिलियन के दावों का मामला चल रहा है। हालांकि अभी इसका असर भारतीय कोर्ट्स में नहीं दिख रहा है, लेकिन यह कंपनी की बैलेंस शीट के लिए बड़ा रिस्क है।
