GMR Airports लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹472.39 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹816.90 करोड़ के नुकसान से एक बड़ी रिकवरी है। वहीं, कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) में 42.18% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह ₹14,807.41 करोड़ पर पहुंच गया।
यह टर्नअराउंड (Turnaround) शेयरहोल्डर्स (Shareholders) के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। यह कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) में सुधार और मज़बूत रेवेन्यू जनरेशन (Revenue Generation) को दिखाता है। मुनाफे में वापसी, जो कि मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ से समर्थित है, एक एक्सपेंशन फेज (Expansion Phase) का संकेत दे रही है। ड्यूटी-फ्री बिज़नेस (Duty-Free Business) की शुरुआत और नए कार्गो कंसेशन्स (Cargo Concessions) को हासिल करना भविष्य की कमाई को और बढ़ाएगा।
कंपनी ने अपने एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (Airport Infrastructure) और ऑपरेशंस का लगातार विस्तार किया है। इस साल के नतीजे यात्रियों की बढ़ती संख्या और एयरपोर्ट्स पर नई कमर्शियल वेंचर्स (Commercial Ventures) के कारण सफल रिकवरी को दर्शाते हैं।
मुनाफे में वापसी के साथ, GMR Airports भविष्य में ग्रोथ और निवेश के लिए बेहतर स्थिति में है। दिल्ली और हैदराबाद एयरपोर्ट्स पर ड्यूटी-फ्री ऑपरेशंस की शुरुआत, साथ ही दिल्ली कार्गो टर्मिनल 1 (Delhi Cargo Terminal 1) के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (Letter of Award) प्राप्त करना, भविष्य के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में सकारात्मक योगदान देगा।
हालांकि, ऑडिटर्स (Auditors) ने मंथली एनुअल फी (Monthly Annual Fees) (DIAL) से संबंधित चल रहे लिटिगेशन (Litigation) और DIAL और GHIAL के लिए AERA के साथ टैरिफ डिटरमिनेशन डिस्प्यूट्स (Tariff Determination Disputes) पर ध्यान दिलाया है। ये मामले एक महत्वपूर्ण अनिश्चितता पैदा करते हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स (Consolidated Financial Statements) में ₹(1,549.17) करोड़ का नेगेटिव टोटल इक्विटी (Negative Total Equity) भी दिख रहा है, जिसे मैनेजमेंट ने नॉन-कैश फॉरेन एक्सचेंज लॉसेस (Non-cash Foreign Exchange Losses) और ऊंचे फाइनेंस/डेप्रिसिएशन कॉस्ट (Finance/Depreciation Costs) के कारण बताया है, लेकिन टैरिफ ऑर्डर के समाधान के बाद इसमें सुधार की उम्मीद है।
हालांकि पीयर फाइनेंशियल डेटा (Peer Financial Data) का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है, GMR Airports का प्रदर्शन एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक मजबूत बाजार स्थिति का सुझाव देता है।
मुख्य मेट्रिक्स (Key Metrics):
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY26 में 42.18% बढ़कर ₹14,807.41 करोड़ हुआ, जो FY25 में ₹10,414.24 करोड़ था।
- कंसोलिडेटेड EBITDA FY26 में 46.87% बढ़कर ₹6,150.25 करोड़ हुआ, जो FY25 में ₹4,187.58 करोड़ था।
- कंसोलिडेटेड प्रॉफिट/(लॉस) आफ्टर टैक्स FY26 में ₹472.39 करोड़ रहा, जबकि FY25 में ₹816.90 करोड़ का नुकसान था।
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू FY26 में 234.81% बढ़कर ₹4,242.26 करोड़ हुआ, जो FY25 में ₹1,267.08 करोड़ था।
- स्टैंडअलोन EBITDA FY26 में 107.16% बढ़कर ₹1,419.62 करोड़ हुआ, जो FY25 में ₹685.27 करोड़ था।
- स्टैंडअलोन प्रॉफिट/(लॉस) आफ्टर टैक्स FY26 में ₹142.05 करोड़ रहा, जबकि FY25 में ₹190.74 करोड़ का नुकसान था।
ऑपरेशनल माइलस्टोन्स (Operational Milestones):
- दिल्ली (28 जुलाई 2025) और हैदराबाद (10 सितंबर 2025) में ड्यूटी-फ्री बिज़नेस शुरू हुआ।
- दिल्ली कार्गो टर्मिनल 1 के लिए लेटर ऑफ अवार्ड मिला।
- GHIAL ने GMR लॉजिस्टिक्स पार्क प्राइवेट लिमिटेड में 70% हिस्सेदारी हासिल की (25 जून 2025)।
- एक अकाउंटिंग बदलाव के तहत टर्मिनल बिल्डिंग्स के उपयोगी जीवन को 30 से 50 साल तक बढ़ाया गया, जिससे वार्षिक डेप्रिसिएशन (Depreciation) में ₹150.97 करोड़ की कमी आई।
निवेशक दिल्ली कार्गो टर्मिनल 1 के विकास, ड्यूटी-फ्री बिज़नेस के फाइनेंशियल प्रभाव और सबसे महत्वपूर्ण, चल रहे रेगुलेटरी लिटिगेशन (Regulatory Litigation) के नतीजों और उनके कंपनी की इक्विटी पोजीशन (Equity Position) पर पड़ने वाले असर पर नज़र रखेंगे।
