GMR Airports की सब्सिडियरी Delhi International Airport Limited (DIAL) ने चौथी कंट्रोल पीरियड के लिए एरोनॉटिकल टैरिफ को लेकर TDSAT में बड़ी जीत हासिल की है। ट्रिब्यूनल ने सभी विवादित मुद्दों पर DIAL के पक्ष में फैसला सुनाया है और AERA को तीन महीने के भीतर इसे लागू करने का निर्देश दिया है।
TDSAT का बड़ा फैसला
Delhi International Airport Limited (DIAL) ने 2024-2029 (चौथी कंट्रोल पीरियड) के लिए AERA द्वारा जारी एरोनॉटिकल टैरिफ ऑर्डर को चुनौती दी थी, जिसमें अब कंपनी को बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने DIAL के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सभी विवादित मुद्दों को कंपनी के हक में सुलझाया है।
क्यों अहम है यह जीत?
टैरिफ निर्धारण की प्रक्रिया सीधे तौर पर एयरपोर्ट ऑपरेटरों की कमाई से जुड़ी होती है। इस फैसले ने उस रेगुलेटरी अनिश्चितता को खत्म कर दिया है, जो दिल्ली एयरपोर्ट के रेवेन्यू आउटलुक पर लंबे समय से दबाव बनाए हुए थी। ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछली गाइडलाइंस को लागू करने में हुई चूक को सुधारा जाए, जिससे कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है।
आगे का रास्ता और जोखिम
कोर्ट ने AERA को 3 महीने का समय दिया है कि वे इन संशोधित शर्तों को लागू करें। हालांकि, इस फैसले पर अभी भी कानूनी अपील की संभावना बनी हुई है, जिससे आने वाले समय में स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा। यदि AERA उच्च न्यायालय का रुख करता है, तो कानूनी प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है, जिससे टैरिफ स्ट्रक्चर को लेकर अनिश्चितता बनी रह सकती है।
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से आने वाले आधिकारिक डिस्क्लोजर पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि एयरपोर्ट के ऑपरेशंस से होने वाली भविष्य की कमाई इसी टैरिफ रिवीजन पर निर्भर करेगी।
