GMR Airports ने भविष्य के विकास और कर्ज चुकाने के लिए ₹5,000 करोड़ जुटाने का ऐलान किया है। कंपनी इसके लिए QIP या FCCB जैसे रास्तों पर विचार कर रही है और आगामी 21 सितंबर, 2026 की AGM में शेयरधारकों से मंजूरी मांगेगी।
फंड जुटाने का रोडमैप
कंपनी आगामी 21 सितंबर, 2026 को होने वाली अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अहम वित्तीय प्रस्ताव पेश करने जा रही है। बोर्ड ने ₹5,000 करोड़ तक की राशि जुटाने के लिए एक सक्षम प्रस्ताव (Enabling Resolution) तैयार किया है। यह फंड इक्विटी शेयर, नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर या फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (FCCB) के जरिए QIP के जरिए जुटाया जा सकता है।
क्यों है यह जरूरी?
यह नया प्रस्ताव पिछले साल (सितंबर 2025) की उस मंजूरी की जगह लेगा, जिसका उपयोग कंपनी पिछले फाइनेंशियल ईयर में नहीं कर पाई थी। इस बार, GMR Airports अपनी बैलेंस शीट को भविष्य के विस्तार और कर्ज के पुनर्गठन (Debt Restructuring) के लिए मजबूत करना चाहती है। इसके अलावा, कंपनी अपनी 74% हिस्सेदारी वाली सब्सिडियरी Delhi International Airport Limited (DIAL) के साथ ₹2,500 करोड़ तक के मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (RPT) के लिए भी वोट मांगेगी, जो कार्गो और ड्यूटी-फ्री बिजनेस के लिए जरूरी हैं।
अन्य अहम फैसले
- डिविडेंड: बोर्ड ने अपने अनलिस्टेड OCRPS पर 0.001% के नॉमिनल डिविडेंड की सिफारिश की है।
- बोर्ड में नियुक्तियां: AGM में कॉस्ट ऑडिटर्स की नियुक्ति और तीन रिटायरिंग डायरेक्टर्स—मिस्टर बुचीसन्यासी राजू ग्रांधी, मिस्टर फिलिप पास्कल और मिस्टर प्रभाकर राव इंदाना की दोबारा नियुक्ति पर भी मुहर लगेगी।
निवेशकों के लिए राय
हालांकि यह रेजोल्यूशन कंपनी को एक 'स्ट्रैटेजिक सेफ्टी नेट' देता है, लेकिन निवेशकों को यह ट्रैक करना होगा कि फंड का वास्तविक इस्तेमाल कब और कैसे होता है। भविष्य में अगर फंड रेज किया जाता है, तो इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का असर स्टॉक पर पड़ सकता है, जिस पर नजर रखना जरूरी है।
