GMR Airports ने अगस्त 2026 के आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी ने कुल **9.4 मिलियन** पैसेंजर्स को हैंडल किया है, जो सालाना आधार पर **0.9%** की मामूली बढ़ोतरी है। हालांकि, दिल्ली एयरपोर्ट ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अन्य रूट्स पर दबाव बना हुआ है।
ट्रैफिक प्रदर्शन की तस्वीर
अगस्त 2026 में GMR Airports का कुल पैसेंजर ट्रैफिक 9.4 मिलियन रहा। अगर फाइनेंशियल ईयर 2027 की बात करें, तो अब तक का आंकड़ा 49.0 मिलियन पैसेंजर्स तक पहुंच गया है। दिल्ली एयरपोर्ट ने इस दौरान कुल पैसेंजर, इंटरनेशनल ट्रैफिक और कार्गो में अब तक का सबसे बेहतरीन वॉल्यूम दर्ज किया है। इसके साथ ही, कंपनी ने 17 अगस्त, 2026 को भोगपुरम एयरपोर्ट के कमर्शियल ऑपरेशन्स की शुरुआत कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
रेगुलेटरी अपडेट
हैदराबाद एयरपोर्ट के लिए AERA (Airports Economic Regulatory Authority of India) ने अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक के लिए चौथा टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिया है। साथ ही, नए भोगपुरम एयरपोर्ट के लिए भी एड-हॉक टैरिफ ऑर्डर मिल गया है। हालांकि, हैदराबाद और मोपा (गोवा) एयरपोर्ट्स के ट्रैफिक में क्रमशः 11.5% और 22.8% की गिरावट देखी गई है।
चुनौतियां और जोखिम
इंटरनेशनल ग्रोथ पर वेस्ट एशिया में चल रही अस्थिरता का असर साफ दिख रहा है, जिससे फ्लाइट्स में व्यवधान आया है। डोमेस्टिक मार्केट में एयरलाइंस की तरफ से रूट रैशनलाइजेशन (route rationalization) की रणनीति ने भी ट्रैफिक को प्रभावित किया है। वहीं, इंडोनेशिया के मेदान एयरपोर्ट पर एयरक्राफ्ट फ्लीट की कमी के चलते सप्लाई-साइड बाधाएं बनी हुई हैं। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में इन भू-राजनीतिक और सप्लाई-साइड दबावों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
