Essar Shipping: कंपनी का बड़ा फैसला, विदेशी यूनिट्स और एसेट्स बेचने को मिली मंजूरी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Essar Shipping: कंपनी का बड़ा फैसला, विदेशी यूनिट्स और एसेट्स बेचने को मिली मंजूरी

Essar Shipping Limited के शेयरधारकों ने कंपनी की 16वीं AGM में विदेशी सब्सिडियरीज और प्रमुख समुद्री संपत्तियों को बेचने की योजना पर मुहर लगा दी है। इस कदम से कंपनी अपना बैलेंस शीट रिस्ट्रक्चर करना चाहती है।

एसेट सेलिंग का पूरा प्लान

16वीं सालाना आम बैठक (AGM) में कंपनी ने अपनी दो विदेशी सब्सिडियरीज—Essar Shipping DMCC (UAE) और OGD Services Holdings Limited (Mauritius)—को बेचने का फैसला किया है। ये दोनों ही इकाइयां निगेटिव नेटवर्थ और शून्य आय दिखा रही थीं। इसके अलावा, कंपनी अपनी 'Essar Wildcat' rig और 'Tug III' को भी बाजार में बेचेगी। इन सभी सौदों को 1 साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

क्यों अहम है यह कदम?

यह फैसला कंपनी की फाइनेंशियल सेहत सुधारने के लिए बेहद अहम है। आंकड़ों पर नजर डालें तो Essar Shipping DMCC कंपनी की नेटवर्थ का 34.03% निगेटिव हिस्सा (लगभग ₹705.48 करोड़) संभालती है। वहीं, OGD Services Holdings का हिस्सा 22.17% (लगभग ₹459.72 करोड़) है। इन नॉन-परफॉर्मिंग यूनिट्स को बाहर निकालने से कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

बोर्ड में नए बदलाव

AGM के दौरान लीडरशिप में भी स्थिरता लाने की कोशिश की गई है। राजेश धीरूभाई देसाई को दोबारा डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि सुब्रमण्यम रमन को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और सुरेश रामामिरथम को भी इसी पद पर फिर से नियुक्त किया गया है।

निवेशकों के लिए जोखिम

निवेशकों को अब यह देखना होगा कि इन संपत्तियों को 'फेयर मार्केट वैल्यू' पर बेचने के बाद कंपनी के पास कुल कितना कैश आता है। एसेट्स की रिकवरी कितनी सफल होती है, इसका सीधा असर कंपनी के आने वाले फाइनेंशियल नतीजों पर पड़ेगा। निवेशकों को अब BSE पर आने वाली आधिकारिक फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.