Ceigall India को NHAI की भारतमाला परियोजना के तहत अपने ₹684 करोड़ के ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट के लिए प्रोविजनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल गया है। यह मील का पत्थर प्रोजेक्ट को निर्माण से ऑपरेशनल चरण में ले जाता है, जिससे निवेशकों के लिए रिस्क कम होगा और कंपनी को एन्युटी पेमेंट मिलना शुरू हो जाएगा।
प्रोजेक्ट की स्थिति में बड़ा बदलाव
Ceigall India Limited को उसके ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट, यानी NH-152G के 4-लेन जलभेड़ा-शाहबाद सेक्शन के लिए आधिकारिक तौर पर प्रोविजनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट (PCC) मिल गया है। इंडिपेंडेंट इंजीनियर द्वारा 19 अक्टूबर, 2026 को जारी किए गए इस सर्टिफिकेट के मुताबिक, प्रोजेक्ट 27 अगस्त, 2026 से ही पूरा माना जाएगा। यह काम कंपनी की सब्सिडियरी, Ceigall Jalbehra Shahbad Greenfield Highway Private Limited द्वारा पूरा किया गया है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत निर्माण से ऑपरेशनल फेज में जाना कंपनी के लिए एक बड़ा 'वैल्यू ड्राइवर' है। इस सर्टिफिकेट के मिलने का मतलब है कि प्रोजेक्ट से जुड़े मुख्य निर्माण जोखिम (Construction Risks) अब खत्म हो गए हैं। यह फाइनेंशियल चक्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब सरकार की ओर से एन्युटी और ब्याज का भुगतान शुरू हो सकेगा, जिससे कंपनी को कैश फ्लो मिलना शुरू हो जाएगा।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि
यह प्रोजेक्ट सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना फेज़-I का हिस्सा है। 22.85 किलोमीटर लंबे इस स्ट्रेच पर काम 2 जून, 2023 को शुरू हुआ था। जीएसटी को छोड़कर इस प्रोजेक्ट की बिड कॉस्ट ₹684 करोड़ है, जो कंपनी के मौजूदा ऑर्डर बुक के निष्पादन में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है।
आगे क्या होगा?
शेयरधारकों को अब NHAI से एन्युटी पेमेंट की आधिकारिक शुरुआत पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, मार्केट अब इस प्रोविजनल सर्टिफिकेट के बाद फाइनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट का इंतजार करेगा, जो आमतौर पर बचे हुए छोटे-मोटे काम या 'पंच-लिस्ट' पीरियड खत्म होने के बाद जारी किया जाता है।
