Cargosol Logistics ने अपनी 16वीं AGM की घोषणा कर दी है, जो 24 सितंबर, 2026 को होगी। कंपनी कर्ज और निवेश की सीमा को बढ़ाकर ₹500 करोड़ करने की तैयारी में है।
फाइनेंशियल लिमिट्स और विस्तार की योजना
Cargosol Logistics ने अपनी 16वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का एलान कर दिया है, जो 24 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। कंपनी इस बैठक में शेयरहोल्डर्स से तीन बड़े फैसलों पर मंजूरी लेगी। इसमें कर्ज लेने की शक्ति को बढ़ाकर ₹500 करोड़ करना, सेक्शन 186 के तहत निवेश और लोन की लिमिट को ₹500 करोड़ तक ले जाना और FY26-27 के लिए ₹250 करोड़ तक के मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस शामिल हैं।
क्यों बढ़ाया जा रहा है कर्ज का दायरा?
कंपनी का यह कदम बड़े स्तर पर विस्तार (Expansion) की तरफ इशारा करता है। हालांकि, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रदर्शन थोड़ा कमजोर हुआ है। FY26 में कंपनी को ₹0.30 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी ₹0.06 करोड़ के प्रॉफिट में थी। हालांकि, स्टैंडअलोन स्तर पर कंपनी का मुनाफा ₹0.58 करोड़ रहा है।
FCCB और आगे का रास्ता
जुलाई 2026 में कंपनी के बोर्ड ने USD 15 मिलियन तक के फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (FCCB) जारी करने को मंजूरी दी थी। ऑडिटर्स T M R & Associates LLP ने कंपनी की फाइनेंशियल स्टेटमेंट पर अपनी क्लीन रिपोर्ट दी है। कंपनी के निदेशक मिस्टर स्टालगी मुलियिल की पुनर्नियुक्ति भी इस बैठक का मुख्य हिस्सा होगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंसोलिडेटेड लॉस का बढ़ना निवेशकों के लिए चिंता का सबब हो सकता है। इसके अलावा, USD 15 मिलियन के FCCB जारी करने से फॉरेन करेंसी रिस्क बढ़ेगा और अगर बॉन्ड्स कन्वर्ट होते हैं तो इक्विटी डाइल्यूशन का भी खतरा बना रहेगा। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि क्या मैनेजमेंट कंपनी के कामकाज में सुधार कर पाएगा या नहीं।
