Adani Ports का बड़ा धमाका: कोलंबो टर्मिनल की क्षमता हुई दोगुनी, ट्रेड रूट पर बढ़ेगा दबदबा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Adani Ports का बड़ा धमाका: कोलंबो टर्मिनल की क्षमता हुई दोगुनी, ट्रेड रूट पर बढ़ेगा दबदबा

Adani Ports and Special Economic Zone (APSEZ) ने कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (CWIT) के फेज-II का विस्तार पूरा कर लिया है। इसके साथ ही टर्मिनल की क्षमता बढ़कर **3.2 मिलियन TEUs** हो गई है।

विस्तार और निवेश के आंकड़े

Adani Ports ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में कुल $750 मिलियन (करीब ₹6,300 करोड़) का निवेश किया है। यह टर्मिनल 35 साल के 'बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर' (BOT) एग्रीमेंट के तहत चलाया जा रहा है। फेज-II के बाद अब यह टर्मिनल एक साथ 3 अल्ट्रा-लार्ज कंटेनर जहाजों को संभालने में सक्षम हो गया है।

क्यों खास है यह कदम?

कंपनी अपने 'शोर-टू-डोर' (shore-to-door) लॉजिस्टिक्स मॉडल को भारत के बाहर भी तेजी से फैला रही है। कोलंबो पोर्ट पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करके Adani Ports रीजनल ट्रांसशिपमेंट मार्केट का बड़ा हिस्सा हासिल करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य 2028 तक कोलंबो पोर्ट के कुल 13 मिलियन TEUs थ्रूपुट में से 25% हिस्सेदारी हासिल करना है।

शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस

टर्मिनल की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने अपने पहले 18 महीनों में ही 2 मिलियन TEUs कार्गो हैंडल कर लिया है। साल 2024 में इसने सबसे तेजी से 1 मिलियन TEUs का आंकड़ा छूने का रिकॉर्ड भी बनाया था।

पार्टनरशिप का दम

यह प्रोजेक्ट APSEZ, John Keells Holdings और Sri Lanka Ports Authority का एक जॉइंट वेंचर है। निवेशकों को अब आने वाले समय में कंपनी के इंटरनेशनल एसेट्स से होने वाली कमाई और 2028 के लक्ष्यों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही कंपनी की ग्लोबल ग्रोथ का मुख्य इंजन है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.