Accuracy Shipping के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा, जहाँ कंपनी का कुल सालाना प्रॉफिट **15.2%** गिरकर **₹39.44 मिलियन** पर आ गया। हालांकि, चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी ने दमदार रिकवरी दिखाते हुए **₹20.77 मिलियन** का मुनाफा दर्ज किया है।
मुनाफे में गिरावट और Q4 की उम्मीद
कंपनी ने अपने 18वें सालाना रिपोर्ट में बताया कि ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹6,705.75 मिलियन रहा, जो पिछले साल के ₹9,460.63 मिलियन के मुकाबले काफी कम है। हालांकि, पूरे साल की निराशा के बीच Q4 का आंकड़ा निवेशकों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जहां कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा है।
क्यों दबाव में है कंपनी?
ग्लोबल स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका-ईरान विवाद के कारण फ्यूल और शिपिंग की लागत में भारी उछाल आया है। यही वजह है कि कंपनी अब मार्बल और ग्रेनाइट जैसे पुराने सेक्टर्स से हटकर टेक्सटाइल, पेपर और ग्लास जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मैनेजमेंट ने वर्किंग कैपिटल को सुरक्षित रखने के लिए इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
रणनीति और विस्तार
जोखिम को कम करने के लिए कंपनी अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर रही है। फिलहाल कंपनी के पास 1.8 लाख वर्ग फीट का वेयरहाउस स्पेस और 393 से ज्यादा ट्रकों का बेड़ा है। साथ ही, Hapag-Lloyd और CMA CGM जैसे बड़े ग्लोबल कैरियर्स के साथ लंबी अवधि के रेट कॉन्ट्रैक्ट्स किए गए हैं ताकि ऑपरेशंस में स्थिरता बनी रहे।
आगे क्या होगा?
कंपनी का 69% रेवेन्यू अभी भी लॉजिस्टिक्स पर निर्भर है, जो इसे ग्लोबल ट्रेड के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कंपनी Q4 वाली रिकवरी को बरकरार रख पाती है या नहीं।
