U. P. Hotels Limited ने BSE से अपनी स्वैच्छिक डीलिस्टिंग (Voluntary Delisting) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगी है। कंपनी ने पोस्टल बैलट के जरिए वोटिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डीलिस्टिंग के लिए शेयरहोल्डर्स की मुहर जरूरी
U. P. Hotels Limited अब अपनी डीलिस्टिंग प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नियमों के दायरे में आगे बढ़ रही है। कंपनी ने SEBI के पास जो समय सीमा बढ़ाने की अर्जी दी है, उसे मजबूती देने के लिए शेयरहोल्डर्स का समर्थन हासिल करना जरूरी है। इसी मकसद से कंपनी ने पोस्टल बैलट नोटिस जारी किया है।
वोटिंग से जुड़ी जरूरी तारीखें
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वोटिंग प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी।
- वोटिंग की शुरुआत: 15 सितंबर, 2026 (सुबह 9:30 बजे)
- वोटिंग की आखिरी तारीख: 14 अक्टूबर, 2026 (शाम 5:00 बजे)
- पात्रता: 11 सितंबर, 2026 तक कंपनी के रजिस्टर में शामिल शेयरहोल्डर्स ही वोटिंग के लिए योग्य होंगे।
कैसे होगी वोटिंग?
कंपनी ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए NSDL के प्लेटफॉर्म का उपयोग करने का फैसला किया है। फिजिकल बैलट फॉर्म नहीं बांटे जाएंगे, यानी शेयरहोल्डर्स को केवल रिमोट ई-वोटिंग के जरिए ही अपने अधिकार का उपयोग करना होगा। पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए Deepak Bansal & Associates के Deepak Bansal को स्क्रूटनी (Scrutinizer) नियुक्त किया गया है।
आगे क्या होगा?
वोटिंग समाप्त होने के बाद, कंपनी स्क्रूटनी रिपोर्ट और परिणामों को अपनी वेबसाइट पर साझा करेगी और BSE को इसकी जानकारी देगी। निवेशकों के लिए अब अगले महीने आने वाले इन नतीजों पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि कंपनी का भविष्य का लिस्टिंग स्टेटस इसी मंजूरी पर टिका है।
