India Tourism Development Corporation (ITDC) ने FY26 के नतीजों में **2.71%** की मुनाफे के साथ **₹84.02 करोड़** की कमाई दर्ज की है। कंपनी ने **₹2.95** प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है, लेकिन ऑडिट और रेगुलेटरी नियमों के उल्लंघन ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे में इजाफा, रेवेन्यू में सुस्ती
ITDC के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹81.80 करोड़ से बढ़कर ₹84.02 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, ऑपरेशन से होने वाली कुल कमाई घटकर ₹527.43 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल ₹565.75 करोड़ थी।
डिविडेंड और बोर्ड मीटिंग
कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹2.95 प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया है, जिस पर 22 सितंबर 2026 को होने वाली 61वीं AGM में अंतिम मुहर लगेगी। इस डिविडेंड के लिए कुल आउटफ्लो ₹25.31 करोड़ रहने का अनुमान है।
गवर्नेंस पर सवाल और रिस्क
निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सिरदर्द रेगुलेटरी जुर्माना है। BSE और NSE ने कंपनी पर बोर्ड कंपोजिशन नियमों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना लगाया है। कंपनी का तर्क है कि एक सरकारी उपक्रम (CPSU) होने के नाते नियुक्तियां मंत्रालय के हाथ में होती हैं, लेकिन यह सफाई बाजार को संतुष्ट नहीं कर रही है।
इसके अलावा, ऑडिटर्स (M/s HDSG and Associates) ने MSME भुगतान और रेवेन्यू रिकॉग्निशन को लेकर सवाल उठाए हैं, खासकर अशोक होटल और सम्राट होटल जैसे प्रमुख यूनिट्स के मामले में।
आगे की राह
ITDC के निवेशक अब होटल रांची अशोक, होटल जम्मू अशोक और आनंदपुर साहिब प्रोजेक्ट के डिसइन्वेस्टमेंट (Divestment) पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही, रेगुलेटरी जुर्माना माफ होने की अपील का फैसला स्टॉक की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
