Espire Hospitality ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए रिकॉर्ड **₹13,424.61 लाख** का रेवेन्यू दर्ज किया है, लेकिन कंपनी के ऑडिटर्स ने 'Qualified Opinion' देकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे के साथ बढ़ी चुनौतियां
Espire Hospitality Limited (EHL) के हालिया एनुअल रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का टोटल इनकम बढ़कर ₹14,105.98 लाख हो गया है, जो पिछले साल ₹12,016.18 लाख था। कंपनी का EBITDA ₹3,189.78 लाख रहा और उनका ऑपरेशनल फुटप्रिंट बढ़कर 17 होटल्स (737 कीज़) तक पहुंच गया है। कंपनी ने वृंदावन में JW Marriott ब्रांड के तहत 151 कीज़ वाले अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट का भी ऐलान किया है, जो जनवरी 2029 तक शुरू होगा।
ऑडिट रिपोर्ट में क्या है पेंच?
शानदार प्रदर्शन के बावजूद, कंपनी को सांख्यिकीय ऑडिटर्स से 'Qualified Opinion' मिला है। इसकी मुख्य वजह एक ERP माइग्रेशन है, जिसके बाद ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) और ट्रेड पेयबल्स (Trade Payables) के बैलेंस का मिलान नहीं हो पा रहा है। इतना ही नहीं, सीक्रेटेरियल ऑडिट में भी कई नियमों की अनदेखी सामने आई है, जैसे:
- वैधानिक फाइलिंग में देरी
- बोर्ड मीटिंग्स के रिकॉर्ड में विसंगतियां
- ट्रेडिंग विंडो कंप्लायंस में चूक
मैनेजमेंट का रुख और रिस्क
कंपनी मैनेजमेंट ने इन खामियों को स्वीकार किया है और कहा है कि वे इन विसंगतियों को ठीक करने के लिए बैलेंस कन्फर्मेशन जुटा रहे हैं। निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि इंटरनल कंट्रोल और कंप्लायंस का मुद्दा कंपनी की साख और रेग्युलेटरी हेल्थ पर असर डाल सकता है।
