Visagar Polytex अपने भारी नुकसान को खत्म करने के लिए एक बड़ा रिस्ट्रक्चरिंग प्लान लेकर आई है। कंपनी **₹30.89 करोड़** के घाटे को कम करने के लिए कैपिटल रिडक्शन कर रही है और साथ ही अपने टेक्सटाइल बिजनेस को पटरी पर लाने के लिए **₹6 करोड़** जुटाने की तैयारी में है।
घाटे से उबरने की कवायद
Visagar Polytex Ltd ने कंपनी एक्ट 2013 के तहत एक 'कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' शुरू की है। इसका मुख्य मकसद कंपनी की नेटवर्थ पर पड़े भारी बोझ को कम करना है। कंपनी अपने शेयर्स की फेस वैल्यू को ₹1 से घटाकर ₹0.01 करेगी, ताकि नुकसान की भरपाई की जा सके। इसके बाद 100 छोटे शेयर्स को मिलाकर दोबारा ₹1 फेस वैल्यू का एक शेयर बनाया जाएगा।
फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
यह पूरी कवायद कंपनी की बैलेंस शीट को 'क्लीन' करने के लिए है। इसके साथ ही, कंपनी प्रेफरेंशियल इक्विटी और वॉरंट्स के जरिए ₹6 करोड़ जुटाएगी। यह पैसा राजस्थान के पाली (Pali) में टेक्सटाइल ऑपरेशन्स को फिर से शुरू करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और कर्ज कम करने में खर्च किया जाएगा।
'एसेट-लाइट' मॉडल पर जोर
मैनेजमेंट अब पाली प्रोजेक्ट के लिए 'एसेट-लाइट' मॉडल अपना रहा है। प्रोसेसिंग और फिनिशिंग का काम आउटसोर्स करके कंपनी अपने फिक्स्ड खर्चों को कम रखना चाहती है। अब पूरा फोकस फैब्रिक प्रोक्योरमेंट और डीलर नेटवर्क बढ़ाने पर है ताकि बिजनेस को एक लीन और स्केलेबल मॉडल में बदला जा सके।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
इस पूरे प्लान को अभी NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल), शेयरधारकों और अन्य रेगुलेटरी संस्थाओं की मंजूरी मिलना बाकी है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह एक टर्नअराउंड कोशिश है और कंपनी का भविष्य इन मंजूरियों और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के मार्केट साइकिल पर निर्भर करेगा।
