Vinny Overseas Limited के FY26 नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी का रेवेन्यू **2.50%** बढ़कर **₹124.62 करोड़** रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट **82.10%** घटकर महज **₹0.92 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में बड़ी सेंध
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर FY26 के आंकड़ों पर नजर डालें तो रेवेन्यू ₹121.57 करोड़ से बढ़कर ₹124.62 करोड़ पर पहुंच गया है। लेकिन नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर कंपनी को बड़ा झटका लगा है, जो पिछले साल के ₹5.15 करोड़ से लुढ़ककर ₹0.92 करोड़ पर आ गया है। इसका सीधा असर कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर पड़ा है, जो ₹0.14 से गिरकर ₹0.02 हो गया है।
क्यों कम हुआ मुनाफा?
मुनाफे में इस भारी गिरावट के पीछे मुख्य वजह 'अदर इनकम' (Other Income) में कमी रही। पिछले साल कंपनी को गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत ₹5.48 करोड़ की सब्सिडी मिली थी, जो इस बार घटकर सिर्फ ₹0.36 करोड़ रह गई। साथ ही, कच्चे माल की बढ़ती लागत (Raw Material Costs) ने मार्जिन पर दबाव डाला, जिससे EBITDA भी 37.06% गिरकर ₹8.27 करोड़ रह गया।
मैनेजमेंट और भविष्य की रणनीति
नुकसान को देखते हुए मैनेजमेंट ने इस बार कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया है ताकि कैश को भविष्य के एक्सपेंशन के लिए बचाया जा सके। बोर्ड लेवल पर भी बदलाव हुए हैं, जहां इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नीलम मोहनलाल गुरबखानी ने इस्तीफा दे दिया है और धवल शरद जाधव को नियुक्त किया गया है। कंपनी की 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग 25 सितंबर 2026 को होनी तय है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
ऑडिटर की रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' के तहत कंपनी की विंडमिल प्रॉपर्टी में हुई चोरी का भी जिक्र है। हालांकि कंपनी ने इसे इंश्योरेंस कवर के अंतर्गत बताया है, लेकिन निवेशकों को बढ़ती लागत को संभालने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखनी होगी। अब कंपनी का फोकस 'प्रीमियम' और सस्टेनेबल फैब्रिक्स पर है, जो भविष्य में मार्जिन सुधारने के लिए अहम साबित हो सकता है।
