Vardhman Textiles ने Serentica Renewables India 32 Private Limited में **26%** हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। कंपनी इस **₹41.85 करोड़** के निवेश के जरिए अपने हिमाचल प्रदेश के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए **27 MW** का विंड-सोलर हाइब्रिड पावर सुनिश्चित करेगी।
ग्रीन एनर्जी पर बड़ा दांव
Vardhman Textiles Limited ने Serentica Renewables India 32 Private Limited के साथ शेयर सब्सक्रिप्शन और पावर डिलीवरी एग्रीमेंट साइन किए हैं। यह निवेश कंपनी को एक ऐसे स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) का हिस्सा बनाता है, जो रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम कर रहा है।
क्यों जरूरी था यह निवेश?
भारतीय बिजली कानूनों के तहत 'कैप्टिव पावर' का लाभ उठाने के लिए यह निवेश एक रेगुलेटरी जरूरत बन गया था। इस प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 70 MW है, जिसमें कर्नाटक में 40 MW का विंड प्रोजेक्ट और राजस्थान में 30 MW का सोलर प्रोजेक्ट शामिल है। इसमें से 27 MW की हाइब्रिड बिजली सीधे Vardhman Textiles की हिमाचल इकाइयों को मिलेगी। इससे न केवल पावर कॉस्ट स्टेबल होगी, बल्कि ग्रिड पर निर्भरता भी कम होगी।
वित्तीय और गवर्नेंस की शर्तें
कंपनी कुल ₹160.96 करोड़ की इक्विटी में से ₹41.85 करोड़ का निवेश कर रही है। बाकी की रकम Serentica Renewables India Private Limited द्वारा दी गई है। हालांकि Vardhman Textiles के पास अपने हितों की रक्षा के लिए 'रिजर्व्ड मैटर्स' (Reserved Matters) के अधिकार होंगे, लेकिन कंपनी SPV बोर्ड में कोई डायरेक्टर नियुक्त नहीं करेगी। वोटिंग राइट्स खरीदे गए शेयरों के अनुपात में होंगे।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को अब प्रोजेक्ट की कमीशनिंग टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। कर्नाटक और राजस्थान में विंड और सोलर प्लांट के काम में किसी भी तरह की देरी का सीधा असर लागत बचत पर पड़ सकता है। बड़े एनर्जी प्रोजेक्ट्स में ऑपरेशनल एफिशिएंसी ही भविष्य में वैल्यू क्रिएशन का मुख्य आधार होती है।
