Tuni Textile Mills: घाटे से मुनाफे में लौटी कंपनी! Q1 FY27 में ₹0.27 करोड़ का नेट प्रॉफिट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Tuni Textile Mills: घाटे से मुनाफे में लौटी कंपनी! Q1 FY27 में ₹0.27 करोड़ का नेट प्रॉफिट

Tuni Textile Mills के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने Q1 FY27 में **₹0.27 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले तिमाही के घाटे से एक बड़ा सुधार है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी **34.6%** बढ़कर **₹23.43 करोड़** हो गया है।

Tuni Textile Mills ने Q1 FY27 में मुनाफे में वापसी की

Tuni Textile Mills Ltd. ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹0.27 करोड़ (यानी 26.50 लाख) का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले तिमाही (Q4 FY26) में हुए ₹0.16 करोड़ (यानी 15.87 लाख) के नेट लॉस से एक महत्वपूर्ण उलटफेर है। इस मुनाफे में वापसी का मुख्य कारण कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में 34.6% की जोरदार बढ़ोतरी है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर ₹23.43 करोड़ (यानी 2342.64 लाख) हो गया है, जो पिछली तिमाही के ₹17.40 करोड़ (यानी 1739.61 लाख) से काफी ज्यादा है।

कंपनी के स्टैट्यूटरी ऑडिटर ने भी अपनी लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट में किसी बड़ी चिंता का संकेत नहीं दिया है।

निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह खबर?

मुनाफे में वापसी निवेशकों के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है, जो कंपनी के कामकाज में सुधार को दर्शाता है। रेवेन्यू में हुई वृद्धि बताती है कि या तो मांग बढ़ी है या फिर कंपनी की सेल्स स्ट्रैटेजी बेहतर काम कर रही है। वहीं, कंपनी राइट्स इश्यू के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया में है, जिसमें कुछ डेफर्ड कॉस्ट (Deferred Costs) भी शामिल हैं, जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

क्या है बैकस्टोरी?

मार्च 2026 में समाप्त हुई तिमाही में Tuni Textile Mills को घाटा हुआ था। इस तिमाही के नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने घाटे से उबरकर मुनाफे की राह पकड़ ली है। कंपनी कैपिटल जुटाने के लिए राइट्स इश्यू पर काम कर रही है, जिसकी शुरुआत इसी तिमाही में हुई और इससे जुड़े खर्चों को कैपिटलाइज किया गया है।

आगे क्या होगा?

मुनाफे में लौटने से शेयरधारकों के बीच सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है। कंपनी का फोकस अब राइट्स इश्यू को सफलतापूर्वक पूरा करने पर होगा, जिसके लिए BSE से 14 जुलाई, 2026 को सैद्धांतिक मंजूरी (in-principle approval) मिल चुकी है। राइट्स इश्यू से जुड़े ₹0.65 करोड़ के डेफर्ड कॉस्ट को तब तक 'अन्य चालू संपत्ति' (Other current assets) के रूप में दर्ज किया जाएगा जब तक कि यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

किन जोखिमों पर रखें नजर?

सबसे बड़ा फोकस राइट्स इश्यू की प्रगति और उसके सफल समापन पर रहेगा। ₹0.65 करोड़ की डेफर्ड कॉस्ट इस फंड जुटाने की प्रक्रिया में लगी हुई है। अगर राइट्स इश्यू में कोई देरी या समस्या आती है, तो यह कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर सकती है।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को राइट्स इश्यू की प्रगति और उसके सफल समापन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, कंपनी की लगातार रेवेन्यू ग्रोथ के दम पर भविष्य की तिमाहियों में मुनाफा बनाए रखने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.