Trident Texofab ने FY26 के नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें नेट प्रॉफिट (PAT) गिरकर **₹0.70 करोड़** रह गया है, जो पिछले साल **₹2.51 करोड़** था। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू **₹118.02 करोड़** पर स्थिर रहा, लेकिन कमजोर मांग और **₹1.13 करोड़** के एक्स्ट्राऑर्डिनरी चार्ज ने मुनाफे पर दबाव डाला है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और स्ट्रेटेजिक बदलाव
कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹118.02 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) घटकर ₹0.70 करोड़ पर आ गया है। इस साल का परफॉर्मेंस दो हिस्सों में बंटा रहा, जहां पहली छमाही बेहतर थी, वहीं दूसरी छमाही में बाजार की सुस्ती का असर दिखा।
निवेशकों के लिए अहम क्यों?
Trident Texofab फिलहाल अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव कर रही है। कंपनी अब ट्रेडिंग-हेवी मॉडल से हटकर मैन्युफैक्चरिंग-लेड ऑपरेशन पर फोकस बढ़ा रही है। अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने अपने फाइनेंस कॉस्ट को 36% घटाकर ₹2.93 करोड़ पर ले आई है। हालांकि, नेट प्रॉफिट पर ₹1.13 करोड़ के एक्सेप्शनल चार्ज और बढ़े हुए टैक्स का दबाव साफ दिखा।
कॉरपोरेट गवर्नेंस और भविष्य की राह
कंपनी अब FY27 के लिए शेयरधारकों से संबंधित ट्रांजेक्शन पर मंजूरी मांग रही है, जिसकी लिमिट ₹25 करोड़ प्रति एंटिटी तय की गई है। इसके अलावा, मैनेजिंग डायरेक्टर को दिए गए एक्स्ट्रा ₹28.29 लाख के रिम्यूनरेशन की वसूली को माफ करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। मैनेजमेंट का मुख्य फोकस अब नई क्षमता विस्तार के बजाय मौजूदा कैपेसिटी का बेहतर इस्तेमाल और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर है।
रिस्क फैक्टर
कंपनी ने दूसरी छमाही में मांग में 15% की गिरावट दर्ज की है, जो भविष्य के रेवेन्यू के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत है। निवेशकों को आने वाले समय में रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन और एक्सेप्शनल चार्ज के असर पर नजर रखनी होगी।
तुलनात्मक आंकड़े (FY26 बनाम FY25)
- रेवेन्यू: ₹118.02 करोड़ बनाम ₹122.06 करोड़
- EBITDA: ₹5.11 करोड़ बनाम ₹5.47 करोड़
- नेट प्रॉफिट: ₹0.70 करोड़ बनाम ₹2.51 करोड़
- फाइनेंस कॉस्ट: ₹2.93 करोड़ बनाम ₹4.55 करोड़
