Sportking India ने वित्तीय वर्ष 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट (Net Profit) में **5.7%** की बढ़ोतरी हुई है और यह **₹119.7 करोड़** पर पहुंच गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने प्रति शेयर **₹1** का डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है।
Sportking India के नतीजे
Sportking India Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹119.72 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹113.15 करोड़ की तुलना में 5.7% अधिक है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) थोड़ा घटकर ₹2,495.86 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹2,524.23 करोड़ था।
कंपनी ने शेयरधारकों को ₹1 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने का भी ऐलान किया है। इसके अलावा, कंपनी ने 40.3 MW के सोलर पावर प्रोजेक्ट की शुरुआत की है और ओडिशा में ग्रीनफील्ड विस्तार (Greenfield Expansion) के लिए फाइनेंसियल क्लोजर (Financial Closure) पूरा कर लिया है।
क्यों खास हैं ये नतीजे?
मुनाफे में यह बढ़ोतरी कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) को दर्शाती है। कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो (Debt-Equity Ratio) घटकर 0.41 हो गया है, जो पिछले साल 0.58 था। यह एक मजबूत बैलेंस शीट (Balance Sheet) और शेयरधारकों के लिए कम वित्तीय जोखिम का संकेत है। वहीं, डिविडेंड (Dividend) से निवेशकों को सीधा फायदा होगा। क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) प्रोजेक्ट्स पर प्रगति भविष्य की ग्रोथ के साथ-साथ लागत में कमी का संकेत भी देती है।
विस्तार और भविष्य की योजनाएं
CRISIL ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग (Long-Term Credit Rating) को 'CRISIL A+/Stable' तक बढ़ा दिया है, जो कंपनी की वित्तीय सेहत में सुधार को दर्शाता है। ओडिशा में चल रहे विस्तार के तहत 1.5 लाख स्पिंडल (Spindles) और जोड़े जाएंगे, जिससे कुल क्षमता बढ़कर लगभग 5.3 लाख स्पिंडल हो जाएगी। चालू सोलर प्लांट से सालाना बिजली लागत में 12-13% की कमी आने की उम्मीद है।
जोखिम के पहलू
ओडिशा में बड़े ग्रीनफील्ड विस्तार प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने और अनुमानित क्षमता हासिल करने में चुनौतियां आ सकती हैं। साथ ही, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और टेक्सटाइल मार्केट की मांग भी भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक अब ओडिशा विस्तार के चालू होने की टाइमलाइन (Timeline) और ऑपरेशनल रैंप-अप (Operational Ramp-up) पर बारीकी से नजर रखेंगे। सोलर पावर प्रोजेक्ट का ऑपरेशनल खर्च कम करने और मार्जिन (Margin) बढ़ाने पर पड़ने वाले असर पर भी नजर रहेगी।
