Shree Rajasthan Syntex ने अपनी 46वीं AGM **29 सितंबर, 2026** को बुलाई है। इस मीटिंग में एक अहम स्पेशल रेजोल्यूशन पेश किया जाएगा, जिसके जरिए कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और जमीन को बेचने, लीज पर देने या रीडिवेलप करने के लिए बोर्ड को मंजूरी देने की योजना बना रही है।
एसेट मोनेटाइजेशन की कवायद
कंपनी ने अपनी 46वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का एलान कर दिया है, जो 29 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। कंपनी ने 'कंपनीज एक्ट, 2013' के सेक्शन 180(1)(a) के तहत एक स्पेशल रेजोल्यूशन रखा है। इसका मुख्य मकसद बोर्ड को यह अधिकार देना है कि वे कंपनी की प्रॉपर्टीज—जिसमें डूंगरपुर, राजस्थान स्थित फैक्ट्री और लैंड बैंक शामिल हैं—को अपनी सुविधानुसार बेच सकें, लीज पर दे सकें या उनका रीडिवेलपमेंट कर सकें।
मैनेजमेंट और बोर्ड की रणनीति
फिलहाल किसी तत्काल बिक्री या सौदे की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह रेजोल्यूशन साफ संकेत देता है कि मैनेजमेंट अपनी फिजिकल एसेट्स से वैल्यू अनलॉक करने की कोशिश में है। मीटिंग में मैनेजिंग डायरेक्टर विकास लाडिया के री-अपॉइंटमेंट पर भी चर्चा होगी, जिनके पास टेक्सटाइल इंडस्ट्री का 29 साल से ज्यादा का अनुभव है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
AGM में M/s. K. G. Goyal & Co. को FY27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर के तौर पर बरकरार रखने पर भी मुहर लगेगी, जिनकी फीस ₹20,000 प्लस खर्च तय की गई है।
रिस्क फैक्टर और आगे की राह
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह एसेट मोनेटाइजेशन का अधिकार बहुत ही व्यापक (broad) है। इससे कंपनी के एसेट प्रोफाइल में बड़ा बदलाव आ सकता है। अभी तक जमीन के किसी विशेष टुकड़े को बेचने या उसकी समय-सीमा को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। शेयरहोल्डर्स को AGM के बाद आने वाले डिस्क्लोजर पर नजर रखनी चाहिए, जिससे पता चलेगा कि बोर्ड अपनी इस शक्ति का इस्तेमाल जॉइंट वेंचर या रेवेन्यू शेयरिंग एग्रीमेंट के लिए कैसे करता है।
