Shree Balaji (Mala) Textiles Ltd ने Directorate of Revenue Intelligence (DRI) के साथ GST से जुड़े टैक्स विवाद को सुलझा लिया है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2024 से 2026 तक की फाइलिंग्स में हुई गड़बड़ियों के लिए पूरा टैक्स, इंटरेस्ट और पेनल्टी जमा कर दी है।
DRI की जांच के बाद सुलझा मामला
सितंबर 2026 में हुए सर्च ऑपरेशन के बाद, West Bengal DRI&E ने कंपनी से बकाया टैक्स की मांग की थी। इसे लेकर 6 अक्टूबर 2026 को कंपनी ने अपनी सभी देनदारियां पूरी कर दी हैं। कंपनी ने तीन फाइनेंशियल ईयर के लिए टैक्स, ब्याज और जुर्माने का भुगतान किया है।
क्यों शुरू हुई थी जांच?
रेगुलेटरी बॉडी ने जांच के दौरान तीन मुख्य खामियां पकड़ी थीं:
- स्टॉक मिसमैच: 15 सितंबर 2026 तक के लेजर बुक्स और अकाउंट फिगर्स में अंतर पाया गया था।
- टैक्सेबल वैल्यू मिसमैच: GST रिटर्न और ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स के बीच आउटवर्ड सप्लाई को लेकर अंतर था।
- क्रेडिट नोट्स: सेल्स रिटर्न और डिस्काउंट की डॉक्युमेंटेशन में भी कमियां देखी गई थीं।
भुगतान का विवरण (आंकड़ों में)
कंपनी द्वारा किए गए भुगतान इस प्रकार हैं:
- FY 2023-24: ₹9.98 लाख का टैक्स, साथ में ब्याज और पेनल्टी।
- FY 2024-25: ₹1.17 लाख का टैक्स, साथ में ब्याज और पेनल्टी।
- FY 2025-26: ₹1.24 लाख का टैक्स, साथ में ब्याज और पेनल्टी।
आगे क्या?
इमीडिएट सेटलमेंट से कंपनी ने फिलहाल कानूनी कार्यवाही के खतरे को टाल दिया है। हालांकि, निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने इंटरनल अकाउंटिंग कंट्रोल्स को कितना दुरुस्त करती है। अगली तिमाही के डिस्क्लोजर में यह साफ हो पाएगा कि कंपनी अपनी रिकॉर्ड-कीपिंग में सुधार कर रही है या नहीं।
