Sheshadri Industries का FY26 का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹2.16 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹8.37 करोड़ था। कंपनी की 17वीं AGM में ऑडिटर्स ने बकाया TDS और गवर्नेंस को लेकर कई सवाल उठाए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
मुनाफे में भारी गिरावट
कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां FY25 में नेट प्रॉफिट ₹8.37 करोड़ था, वह FY26 में घटकर महज ₹2.16 करोड़ रह गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू ₹28.25 करोड़ पर लगभग स्थिर बना हुआ है। अर्निंग पर शेयर (EPS) में भी बड़ी गिरावट देखी गई है, जो ₹16.88 से घटकर ₹4.35 रह गया है।
ऑडिटर्स की 'क्वॉलिफाइड ओपिनियन'
कंपनी की 17वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ऑडिटर्स ने तीन बड़ी खामियां उजागर की हैं:
- अनपेड TDS: कंपनी पर ₹31.23 लाख का TDS बकाया है, जिसकी समय सीमा भी निकल चुकी है।
- अटका हुआ पैसा: लंबे समय से ₹648.82 लाख के पेमेंट्स और ₹21.33 लाख के कैपिटल एडवांसेज का निपटारा नहीं हुआ है।
- इंटरनल कंट्रोल: संबंधित पक्षों (Related Party) के साथ ट्रांजैक्शन के लिए कंपनी ने कोई तुलनात्मक कोटेशन (Comparative Quotes) नहीं लिए, जो गवर्नेंस पर सवाल खड़े करता है।
आगे की रणनीति
कंपनी अब घाटे वाले कॉटन स्पिनिंग बिजनेस को छोड़कर 'रिसाइकिल पॉलिएस्टर यार्न' (Recycled PES) की ओर शिफ्ट हो रही है ताकि मार्जिन्स को बेहतर किया जा सके। साथ ही, Ishayu Garments और Devshree International के साथ ट्रांजैक्शंस के लिए बोर्ड की मंजूरी ली गई है। निवेशकों को कंपनी के कैश फ्लो और इन बकाया देनदारियों के निपटारे पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
