Sangam India ने अपने दूसरे तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **130.9%** बढ़कर **₹53.40 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू में **33%** का उछाल देखा गया है। इसके अलावा, कंपनी ने प्रमोटरों को वारंट जारी कर **₹25 करोड़** जुटाए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए Sangam India ने बेहद मजबूत आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 33% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,045.32 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹23.13 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹53.40 करोड़ हो गया है। अगर स्टैंडअलोन आधार पर देखें, तो कंपनी ने ₹1,030.20 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹51.45 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है।
वारंट्स और फंड जुटाने की रणनीति
शानदार नतीजों के साथ ही कंपनी ने अपने एक्सपेंशन प्लांस को रफ्तार देने के लिए फंड जुटाने का ऐलान भी किया है। बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप को 18,00,000 कन्वर्टिबल वारंट्स ₹555.56 प्रति वारंट के भाव पर अलॉट किए हैं। प्रमोटरों ने इसके लिए 25% यानी ₹25 करोड़ की राशि पहले ही जमा कर दी है, जिससे कंपनी के पास विस्तार के लिए कैश फ्लो बढ़ेगा।
निवेशकों के लिए क्या हैं रिस्क?
हालांकि नतीजे काफी मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि भविष्य में वारंट्स के इक्विटी में कन्वर्ट होने पर 'इक्विटी डाइल्यूशन' (Equity Dilution) की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा, कंपनी का बिजनेस पूरी तरह से टेक्सटाइल सेक्टर पर आधारित है, जो कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और साइक्लिकल रिस्क के प्रति संवेदनशील होता है।
आगे की राह
कंपनी का ट्रेडिंग विंडो 7 नवंबर 2026 से फिर से खुल चुका है। अगले 18 महीनों के भीतर प्रमोटरों को शेष 75% राशि का भुगतान कर इन वारंट्स को शेयर्स में बदलने का विकल्प मिलेगा। अब मार्केट की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने प्रोजेक्ट्स में कितनी कुशलता से करती है।
