SVP Global Textiles की सब्सिडियरी Shrivallabh Pittie Enterprises अब मुश्किल में है। NCLT ने कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) शुरू कर दी है, जिसकी वजह Canara Bank का करीब **₹76 करोड़** का डिफॉल्ट है।
क्या है पूरा मामला?
NCLT की मुंबई बेंच ने Canara Bank की याचिका को स्वीकार करते हुए Shrivallabh Pittie Enterprises Private Limited के खिलाफ कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) शुरू करने का आदेश दिया है। यह विवाद मार्च 2023 के लगभग ₹75.94 करोड़ के लोन डिफॉल्ट से जुड़ा है। अब कंपनी का मैनेजमेंट सुनील कुमार काबरा के पास आ गया है, जिन्हें अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह चिंता?
इन्सॉल्वेंसी कोड की धारा 14 के तहत अब कंपनी पर मोरेटोरियम (Moratorium) लागू हो गया है, जिसका मतलब है कि कंपनी अपनी संपत्तियों को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकती। चूंकि यह सब्सिडियरी Shrivallabh Pittie South West Industries Limited के लिए कॉर्पोरेट गारंटर थी, इसलिए इस घटना का सीधा असर SVP Global Textiles के कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट पर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशकों को अब ग्रुप लेवल पर होने वाले 'क्रॉस-डिफ़ॉल्ट' के खतरों पर नज़र रखनी चाहिए। कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि वे स्थिति पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं, लेकिन आगे की राह मुश्किल दिख रही है क्योंकि कंपनी की लिक्विडिटी और कर्ज के बोझ को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
