S V Global Mill: स्टैंडअलोन मुनाफे में कंपनी, लेकिन कंसोलिडेटेड नतीजों में लगा तगड़ा झटका!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
S V Global Mill: स्टैंडअलोन मुनाफे में कंपनी, लेकिन कंसोलिडेटेड नतीजों में लगा तगड़ा झटका!

S V Global Mill ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर अच्छा मुनाफा कमाया है, लेकिन सब्सिडियरी के घाटे के कारण कंसोलिडेटेड नतीजों में भारी नुकसान हुआ है। कंपनी ने नया ऑडिटर भी नियुक्त किया है।

S V Global Mill के FY26 नतीजे: दो अलग-अलग तस्वीर

S V Global Mill Limited ने 31 जुलाई 2026 को अपनी 19वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजे पेश किए। कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹6.72 करोड़ (₹672.46 लाख) का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹0.32 करोड़ का घाटा हुआ था। यह स्टैंडअलोन मुनाफा मुख्य रूप से तमिलनाडु सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण से मिले एक खास लाभ (exceptional gain) की वजह से है।

लेकिन, कंसोलिडेटेड (समेकित) नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी को ₹9.09 करोड़ (₹909.22 लाख) का नेट लॉस आफ्टर टैक्स (PAT) हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंसोलिडेटेड बेसिस पर कंपनी को ₹0.30 करोड़ का मुनाफा हुआ था। यह भारी कंसोलिडेटेड लॉस मुख्य रूप से कंपनी की सब्सिडियरी, S V Global Finance Private Limited में निवेश के मूल्य में आई कमी के कारण हुआ है। इस सब्सिडियरी ने खुद उसी अवधि में ₹15.82 करोड़ का घाटा दर्ज किया है।

क्यों मायने रखता है यह अंतर?

स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड नतीजों में यह बड़ा अंतर ग्रुप के ऑपरेशन्स की वित्तीय सेहत को दर्शाता है। जहां एक तरफ स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस एकमुश्त लाभ के कारण मजबूत दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस सब्सिडियरी की गंभीर वित्तीय मुश्किलों को उजागर करती है, जो कंपनी की कुल लाभप्रदता और निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रही है।

पिछली तस्वीर (FY 2024-25)

पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में, S V Global Mill ने स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1.48 करोड़ और स्टैंडअलोन PAT ₹(0.32) करोड़ दर्ज किया था। कंसोलिडेटेड फ्रंट पर, रेवेन्यू ₹6.65 करोड़ और PAT ₹0.30 करोड़ था।

अब क्या बदला?

रणनीतिक स्तर पर, M/s Senthil Kumar & Sundararajan को अगले 5 सालों के लिए नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है, जिन्होंने M/s S. Viswanathan LLP की जगह ली है। इसके अलावा, श्री डी. कुप्पन को नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त किया गया है।

कंपनी ने जीरो-डेट पॉलिसी (zero-debt policy) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, और भविष्य में विस्तार के लिए कर्ज के बजाय आंतरिक कमाई (internal accruals) पर ध्यान केंद्रित करने का लक्ष्य रखा है।

जोखिम जिन पर नजर रखनी है

S V Global Finance Private Limited का वित्तीय प्रदर्शन एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। सब्सिडियरी का घाटा ग्रुप के कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों पर भारी पड़ रहा है।

इसके अलावा, कंपनी एक वेल्थ टैक्स (wealth tax) मुकदमे में भी फंसी हुई है। वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2014-15 की अवधि के लिए ₹13.33 करोड़ की मांग का सामना करना पड़ रहा है। इसमें से ₹2.52 करोड़ का भुगतान विरोध स्वरूप (under protest) किया जा चुका है, और इस असेसमेंट के खिलाफ अपील अभी भी लंबित है।

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशकों को वेल्थ टैक्स मुकदमे की प्रगति और सब्सिडियरी S V Global Finance Private Limited के वित्तीय सुधार पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। कंसोलिडेटेड प्रदर्शन को प्रबंधित करने की कंपनी की क्षमता महत्वपूर्ण साबित होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.