Raj Rayon Industries ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार रिकवरी दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹33.99 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) के नियमों का पालन न करने के कारण प्रमोटर्स के डीमैट अकाउंट अभी भी फ्रीज हैं।
मुनाफे में दम, नियमों में कम
राज रेयॉन इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपनी सालाना रिपोर्ट जारी की है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹849.38 करोड़ से बढ़कर ₹1,179.72 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹13.81 करोड़ से दोगुने से ज्यादा होकर ₹33.99 करोड़ दर्ज किया गया है। कंपनी की अगली सालाना आम बैठक (AGM) 30 सितंबर, 2026 को तय की गई है।
क्यों नहीं मिला डिविडेंड?
कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से बाहर आने के बाद कंपनी के लिए यह एक बड़ी ऑपरेशनल कामयाबी है। हालांकि, ऐतिहासिक नुकसान की भरपाई और संसाधनों को बचाने के लिए बोर्ड ने इस बार कोई डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
रेगुलेटरी चुनौतियां और रिस्क
कंपनी के लिए सबसे बड़ी मुसीबत SEBI के नियमों का पालन न करना है। जून 2023 तिमाही से ही कंपनी 10% मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) के नियम को पूरा करने में विफल रही है, जिसके चलते प्रमोटर्स के डीमैट अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं। साथ ही, स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने पुरानी बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध न होने के कारण कंपनी की बैलेंस शीट पर 'मॉडिफाइड ओपिनियन' दिया है। निवेशकों को सलाह है कि वे रेगुलेटरी कंप्लायंस पर कंपनी के अगले अपडेट पर नजर रखें।
