Patspin India की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कंपनी ने FY26 में **₹11.39 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। वर्किंग कैपिटल की भारी कमी के कारण कंपनी अब केवल जॉब-वर्क पर सिमट कर रह गई है और बैंक अब SARFAESI एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।
बिगड़ते फाइनेंशियल हालात
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे काफी चिंताजनक रहे हैं। कंपनी ने ₹11.39 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹9.79 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी घटकर ₹48.67 करोड़ पर आ गया है। वर्किंग कैपिटल की भारी कमी के चलते कंपनी का कामकाज अब सिर्फ जॉब-वर्क तक सीमित रह गया है, जिससे कंपनी की नेटवर्थ पर सीधा असर पड़ा है।
बैंक की सख्ती और कानूनी घेरा
Central Bank of India ने कंपनी के खिलाफ SARFAESI एक्ट की धारा 13(2) और 13(4) के तहत रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी है। बैंक ने कंपनी के अकाउंट्स को 'सब-स्टैंडर्ड' घोषित कर दिया है, क्योंकि समय पर कर्ज नहीं चुकाया जा सका।
क्या है आगे का प्लान?
कंपनी का मैनेजमेंट अब कर्ज पुनर्गठन (Debt-restructuring) के जरिए खुद को उबारने की कोशिश कर रहा है। इसमें ₹56 करोड़ का वर्किंग कैपिटल टर्म लोन और 2 साल का मोरेटोरियम शामिल है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
ऑडिटर्स ने कंपनी की 'Going Concern' स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं, यानी कंपनी के भविष्य के अस्तित्व पर संशय है। पलक्कड़ प्लांट पर एसेट सीज होने का खतरा मंडरा रहा है। अब सबकी नजरें 28 सितंबर, 2026 को होने वाली 35वीं AGM पर टिकी हैं, जहां GTN Enterprises और GTN Textiles के साथ जुड़े हुए ट्रांजैक्शंस पर वोटिंग होनी है, जो कंपनी के गवर्नेंस के लिए बेहद अहम होगी।
