Pasari Spinning Mills: कंपनी की हालत खस्ता, रेवेन्यू जीरो और भारी कानूनी संकट में फंसी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Pasari Spinning Mills: कंपनी की हालत खस्ता, रेवेन्यू जीरो और भारी कानूनी संकट में फंसी

Pasari Spinning Mills के लिए H1 FY27 बेहद निराशाजनक रहा है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू शून्य (Nil) रहा है और उसे **₹6.46 लाख** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी पर 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) संकट और Cotton Corporation of India के साथ **₹639.23 लाख** की देनदारी का कानूनी विवाद भी मंडरा रहा है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और नेतृत्व में बदलाव

Pasari Spinning Mills ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के लिए अपने रिजल्ट्स जारी किए हैं, जिसमें कंपनी की आय पूरी तरह से गायब रही। कंपनी की नेट वर्थ ₹26.91 लाख है, जबकि पेड-अप कैपिटल ₹1,380 लाख है। इस बीच, बोर्ड में बड़े बदलाव हुए हैं; चेयरमैन और एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ने इस्तीफा दे दिया है, जिनकी जगह नए डायरेक्टर्स को नियुक्त किया गया है।

क्यों है चिंता की बात?

ऑडिटर्स ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसका मतलब है कि कंपनी फिलहाल केवल प्रमोटरों और संबंधित पक्षों से मिल रही आर्थिक मदद पर टिकी है। आय का कोई जरिया न होने के कारण कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

कानूनी पचड़ा (Legal Update)

कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती Cotton Corporation of India (CCI) के साथ चल रहा विवाद है। CCI ने ₹703.12 लाख की कथित बकाया राशि के लिए कानूनी कार्यवाही शुरू की है। हालांकि, कर्नाटक हाई कोर्ट से कंपनी को अंतरिम राहत मिली है, लेकिन ₹639.23 लाख की 'कंटिजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liability) कंपनी की बैलेंस शीट पर भारी दबाव डाल रही है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को अब कंपनी की ओर से होने वाली पोस्टल बैलट प्रक्रिया और कर्नाटक हाई कोर्ट में CCI मामले की सुनवाई पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल कंपनी के पास कोई स्पष्ट रिवाइवल प्लान नहीं है, जो भविष्य के लिए बड़े जोखिम का संकेत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.