Padam Cotton Yarns ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू उछलकर **₹73.39 करोड़** पहुंच गया है, साथ ही ऑडिटर्स की नियुक्ति, कैपिटल बढ़ाने और प्रमोटर रीक्लासिफिकेशन जैसे बड़े कॉर्पोरेट बदलावों का ऐलान किया गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर बेहद शानदार रहा है। Padam Cotton Yarns का रेवेन्यू पिछले साल के ₹14.22 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹73.39 करोड़ पर जा पहुंचा है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी मामूली बढ़त के साथ ₹10.93 करोड़ दर्ज किया गया है, जो कि पिछले साल ₹10.60 करोड़ था।
गवर्नेंस और कॉर्पोरेट बदलाव
कंपनी अपनी 32वीं AGM में कई अहम बदलाव करने जा रही है। स्टैच्युटरी ऑडिटर M/s. SVJK & Associates के इस्तीफे के बाद, बोर्ड ने M/s. Piyush Kothari & Associates को 4 साल के लिए नियुक्त करने की सिफारिश की है।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
कंपनी ने अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹22 करोड़ से बढ़ाकर ₹49 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है, जो भविष्य में फंड जुटाने के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, कंपनी के लिए अनुपालन (compliance) संबंधी चुनौतियां बरकरार हैं। हाल ही में कंपनी को कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति में देरी के लिए BSE को ₹18,880 का जुर्माना भरना पड़ा है।
प्रमोटर होल्डिंग में बदलाव
कंपनी ने प्रमोटर ग्रुप में फेरबदल करते हुए Padam Sain Gupta सहित कई व्यक्तियों को 'प्रमोटर' से हटाकर 'पब्लिक' कैटेगरी में रीक्लासिफाई कर दिया है, क्योंकि उनकी हिस्सेदारी 0% हो गई है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी में परमानेंट कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति पर नजर बनाए रखें क्योंकि रेगुलेटरी नियमों का पालन बाजार में कंपनी की साख के लिए जरूरी है।
